कथावाचक मोरारी बापू ने कहा कि अगर असल मायने में दलित का उत्थान करना है कि उनकी बेटियों का शादी करनी चाहिए।
नई दिल्ली। दलितों के घर जाकर राजनेताओं के खाना खाने पर कथावाचक मोरारी बापू ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने राजनेताओं को फटकार लगाते हुए कहा कि दलितों के घर जाकर एक वक्त का भोजन करने से कुछ नहीं होगा। अगर असल मायने में दलित का उत्थान करना है कि उनकी बेटियों का शादी करनी चाहिए।
दलितों से रखें रोटी-बेटी का संबंध: मोरारी बापू
झारखंड के जमशेदपुर में एक सत्संग के दौरान मोरारी बापू ने कहा कि देश में इन दिनों एक नई परंपरा शुरू हो गई है। कई पार्टी के नेता दलित के घर जाते हैं और भोजन करते हैं। इसके पीछे उनका तर्क होता है कि इससे दलितों का उत्थान होगा, लेकिन मैं इसका पूरी तरह विरोध करता हूं। अगर दलितों का जातिगत उत्थान करना है तो उनसे रोटी-बेटी का संबंध करना होगा। दलितों की बेटी से शादी करना होगा।
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दलितों को बनाओ मंदिर का पुजारी: तसलीमा नसरीन
इससे पहले मशहूर लेखिका तसलीमा नसरीन ने भी दलितों के घर भोजन करने पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि अगड़ी जाति के लोगों का दलितों के घर जाकर भोजन करना मात्र ही काफी नहीं है। उन्हें दलितों से शादी करनी चाहिए और दलितों को पुजारी भी बनाना चाहिए।
दलितों के घर भोजन को लेकर हुए कई विवाद
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी के सभी मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को ये निर्देश दिया है कि वो अपने इलाके में एक दलित के घर जाएं और चौपाल लगाए। इतना ही नहीं इस दौरान वो लोग दलितों के घर ही भोजन भी करें। पीएम के निर्देश के बाद यूपी के अधिकांश मंत्री और विधायकों ने दलितों के घर भोजन किए हैं। हालांकि बीजेपी नेताओं का दलितों के घर भोजन करने को लेकर कई बार विवाद भी हो चुका है। पिछले दिनों कई बीजेपी मंत्री दलितों के घर जाकर भी बाहर से खाना मंगाकर खाया है, जिसे लेकर विपक्ष ने उनपर जमकर हमला किया।