चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय डीएमईआर के चीफ डॉक्टर तात्याराव लहाने की माने तो देश लगातार म्यूकोरमाइकोसिस के खतरे की ओर बढ़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना वायरस की पिछली लहर में इस फंगस का खतरा दिखाई पड़ा था, लेकिन इस बार यह खतरा कहीं ज्यादा खतरनाक है। यह फंगस अगर मरीज के दिमाग तक पहुंच जाता है तो फिर उसका बचने की संभावना न के बराबर ही रहती है। डॉक्टरों ने इसके लक्षण सर दर्द, आंखों में जलन, नाक बंद होना, आधे चेहरे पर सूजन आना, साइनस की परेशानी आदि बताई है। बताया जा रहा है कि फंगस आंखों और चेहरे के रास्ते ही दिमाग तक पहुंचता है।