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सपा नेता मुलायम के बयान से बोफोर्स घोटाले का सच आया सामने, खुद कर दी थी मंत्रालय से फाइल गायब

रक्षामंत्री के तौर पर मैंने देखा कि यह सही सौदा था और राजीव गांधी ने अच्छा काम किया।

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Dhirendra Kumar Mishra

Aug 20, 2018

mulayam

सपा नेता मुलायम के बयान से बोफोर्स घोटाले का सच आया सामने, खुद कर दी थी मंत्रालय से फाइल गायब

नई दिल्‍ली। आज पूर्व पीएम राजीव गांधी की जयंती है। इस अवसर पर उनको देश के विभिन्‍न शहरों में श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी है। इसी बहाने उनके प्रधानमंत्रित्‍वकाल में हुए घोटाले की चर्चा भी जारी है। लेकिन हाल ही में एक बयान देकर सपा नेता मुलायम सिंह ने बोफोर्स घोटाले का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर निकाल दिया है। सपा नेता ने बोफोर्स घोटाले के मामले में चौंकाने वाला बयान दिया है। हालांकि उनका ये बयान अपने आप में आपराधिक स्वीकारोक्ति है।

फाइल कर दी गायब
राममनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय लखनऊ के स्थापना दिवस पर बुधवार को आयोजित समारोह में उन्होंने कहा था कि जब मैंने बोफोर्स तोप को देखा तो पाया कि वह ठीक से काम कर रही है। इसके बाद मेरे मन में पहला विचार यह आया कि राजीव गांधी ने बढ़िया काम किया है। इसलिए मैंने उससे जुड़ी फाइलों को गायब कर दिया। देश भर में इस सौदे को लेकर लोगों के बीच ये धारणा है कि बोफोर्स सौदा राजीव गांधी की गलती थी, लेकिन रक्षामंत्री के तौर पर मैंने देखा कि यह सही सौदा था और राजीव गांधी ने अच्छा काम किया।

इसलिए नहीं आया सच सामने
सपा नेता के इस आत्‍म स्वीकारोक्ति के बाद साफ हो गया है कि देश में किस तरह बड़े घोटालों का सच छिपाया जाता है। जांच को कैसे भटकाया जाता है। सबूत किस तरह नष्ट किए जाते हैं। हमारे जिम्मेदार राजनेता ही जब फाइलें गायब करा देते हैं, तब जांच में क्या खाक साबित होगा? हालांकि सपा नेता मुलायम सिंह यादव ने फाइल गायब करने की अपनी करतूत के लिए तर्क दिया है कि उन्होंने देखा कि तोपें अच्छा काम कर रही हैं। इस सौदे को मंजूरी देकर राजीव गांधी ने अच्छा फैसला किया है इसलिए जांच को धीमा करने और भटकाने के लिए उन्होंने फाइलें गायब करा दीं। लेकिन अपने इस बयान से उन्‍होंने राजीव गांधी और स्वयं को भी संदेह के घेरे में खड़ा कर दिया है।

दो साल रहे रक्षा मंत्री
सपा नेता मुलायम सिंह यादव वर्ष 1996 से 98 के दौरान जब रक्षामंत्री थे। उस समय राजीव गांधी के प्रधानमंत्रित्वकाल में स्वीडन की एबी बोफोर्स कंपनी से 400 हॉविट्जर तोपों की खरीद में कथित घोटाले का मुकदमा अदालत में चल रहा था। सीबीआई वर्ष 1990 से ही इस मामले की जांच कर रहा था, लेकिन ब्यूरो कोई ठोस सबूत नहीं जुटा सका।

बोफोर्स घोटाला
1987 में यह बात सामने आई थी कि स्वीडन की हथियार कंपनी बोफोर्स ने भारतीय सेना को तोपें सप्लाई करने का सौदा हथियाने के लिए बड़ी दलाली चुकाई है। 400 बोफोर्स तोपों की खरीद का सौदा 1.3 अरब डॉलर का था। स्वीडन की हथियार कंपनी बोफोर्स ने भारत के साथ सौदे के लिए 1.42 करोड़ डॉलर की रिश्वत दी थी।