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मुंबई: बावखलेश्वर मंदिर को तोड़ने की कवायद शुरू, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

अधिकारियों का यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के एक हफ्ते बाद आया है, जिसमें अदालत ने मंदिर ट्रस्ट की स्पेशल लीव पेटिशन को खारिज कर दिया था।
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Mohit sharma

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Updated: 18 Oct 2018, 11:51 AM IST

Navi Mumbai

मुंबई: बावखलेश्वर मंदिर को तोड़ने की कवायद शुरू, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के नवी मुंबई स्थित बावखलेश्वर मंदिर को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। यहां अधिकारियों ने इस स्थित प्रसिद्ध मंदिर को तोड़े जाने के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के एक हफ्ते बाद आया है, जिसमें अदालत ने मंदिर ट्रस्ट की स्पेशल लीव पेटिशन को खारिज कर दिया था। इस पिटीशन में बॉम्बे हाई कोर्ट के मंदिर तोड़े जाने संबंधी आदेश को चुनौती दी गई थी। आपको बता दें कि यह मंदिर महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलमेंट कॉपरेशन (एमआईडीसी) की जमीन पर बना है। 2013 में वाशी निसासी संदीप ठाकुर नाम के एक शख्स ने मंदिर ट्रस्ट के खिलाफ एक पीआईएल दाखिल की थी। संदीप ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि एनसीपी नेता गणेश नाइट के रिश्तेदार संतोष टंडेल पर गैरकानूनी रूप से कई मंदिरों का निर्माण कराए जाने का आरोप लगाया था।

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उधर, एमआईडीसी के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज की गई याचिका की वजह से हाईकोर्ट के मंदिर तोड़े जाने वाले आदेशों का पालन किया जाएगा। एमआईडीसी ने इसके लिए आदेश जारी कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार इस अतिक्रमण को हटाने के लिए एमआईडीसी भारी पुलिस बंदोबस्त के इंतजाम में जुट गया है। आपको बता दें कि अतिक्रमण वाले क्षेत्र में मंदिर के साथ-साथ अन्य कई निर्माण भी शामिल हैं।

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आपको बता दें कि पिछले हफ्ते ही सुप्रीम कोर्ट ने बावखलेश्वर मंदिर ट्रस्ट की उस याचिका को खारिज किया था, जिसमें बॉम्बे हाई कोर्ट ने सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने संबंधी आदेश दिया था। वहीं, ट्रस्ट ने इस मामले में सरकार से संपर्क साधा है। ट्रस्ट की सरकार से अपील है कि इन अतिक्रमणों को कानूनी मान्यता दे दी जाए। ट्रस्ट का तो यहां तक दावा है कि मंदिर का निर्माण 2009 के पहले हुआ था।

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