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बच्चों के साथ हैवानियत पर क्या लगाम लगा सकेगी नेशनल सेक्स आॅफेंडर रजिस्ट्री

बच्चों के साथ यौंन हिंसा में शामिल लोगों के नाम इस रजिस्ट्री में होंगे, गृह मंत्रालय के नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो को दिया है जिम्मा।

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यौन अपराध पर क्या लगाम लगा सकेगी नेशनल सेक्स आॅफेंडर रजिस्ट्री

नई दिल्ली। देश में दुष्कर्म के बढ़ते ग्राफ देखते हुए सरकार कड़े कदम उठाने का प्रयास कर रही है। इसके तहत नेशनल सेक्स ऑफेंडर रजिस्ट्री तैयार करने की कोशिश हो रही है। इसमें यौन अपराध में शामिल लोगों के बायोमेट्रिक रिकॉर्ड होंगे। बच्चों के साथ यौंन हिंसा में शामिल लोगों के नाम भी उस रजिस्ट्री में होंगे। इसके अलावा ऐसे अपराधियों के स्कूल,कॉलेज,नौकरी,घर का पता, डीएनए,दूसरे नाम संबंधी जानकारियां भी इस रजिस्ट्री का हिस्सा होंगी। रजिस्ट्री तैयार करने के लिए एक टेंडर भी निकाला गया है।

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भारत नौवां ऐसा देश होगा

नेशनल सेक्स ऑफेंडर रजिस्ट्री तैयार वालों में भारत विश्व का नौवां देश होगा। इसके पहले अमरीका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा,आयरलैंड,न्यूज़ीलैंड,दक्षिण अफ्रीका, ब्रिटेन,त्रिनिदाद टोबैगो जैसे देशों के पास इस तरह की सेक्स ऑफेंडर रजिस्ट्री है। भारत ने इस रजिस्ट्री को बनाने का जिम्मा गृह मंत्रालय के नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो को दिया है।

90 हजार लोगों ने हामी भरी

तीन साल पहले इस तरह की मुहिम एक याचिका के तहत शुरू हुई। इसके समर्थन में 90 हजार लोगों ने हामी भरी है। याचिका डालने वाली मडोना रूज़ेरियो जेनसन का कहना है वह निर्भया मामले को सुनकर बहुत दुखी थीं। एक आम नागरिक के नाते वह इस तरह के अपराध पर शिकंजा कसने के लिए कुछ करना चाहती थीं। नेशनल सेक्स ऑफेंडर रजिस्ट्री की मदद से उन अपराधियों को चिन्हित किया जा सकेगा जो कई बार इन अपराधों में लिप्त रह चुके हैं। इससे पुलिस को अपराध की तहकीकात में मदद मिल सकेगी। इसके साथ कई बार यौन अपराध करने वालों से समाज सर्तक हो सकेगा। मगर भारत में अभी तक यह तय नहीं हो सका है यह लिस्ट आम लोगों के सामने आएगी की नहीं। अमेरिका और कई देशों में इस लिस्ट के खुलासे के कारण यौन अपराध में शामिल लोगों को उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।