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PNB scam : मेहुल-नीरव की कंपनियों के 4 अधिकारी सीबीआई के शिकंजे में

गिरफ्तार होने वाले मेहुल और मोदी की कंपिनयों के अधिकारियों पर पीएनबी से लोन लेने के लिए फर्जी एलओयू बनाने का आरोप है।
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Mazkoor Alam

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Updated: 4 Mar 2018, 10:39 PM IST

pnb

नई दिल्‍ली : पीएनबी में हुए 11000 हजार करोड़ रुपए से भी ज्‍यादा के घोटाले के मुख्‍य आरोपी हीरा व्यापारियों नीरव मोदी और मेहुल चोकसी अब तक देश से फरार हैं। सीबीआई उन्‍हें देश में वापस लाने में कामयाब नहीं हो पाई है। लेकिन देश में सीबीआई की जांच और कड़ी कार्रवाई जारी है। उसने रविवार को एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए नीरव मोदी ग्रुप ऑफ कंपनीज के 1 ऑडिटर समेत 2 अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही उसने मेहुल चोकसी की कंपनी गीतांजलि ग्रुप ऑफ कंपनीज के 1 डायरेक्टर को भी अपने शिकंजे में ले लिया है।

फर्जी एलओयू बनाने का आरोप
गिरफ्तार होने वाले अधिकारियों में फायर स्टार इंटरनेशनल लिमिटेड के तत्कालीन एजीएम (ऑपरेशन) मनीष के बोसामिया और तत्कालीन फाइनेंस मैनेजर अनिल पंड्या हैं। इन पर पीएनबी से लोन लेने के लिए फर्जी एलओयू बनाने का आरोप है। इनके अलावा मुंबई में सीए फर्म संपत एंड मेहता में पार्टनर संजय रामभिया को भी इसी मामले में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार होने वाले चौथे अधिकारी गिली इंडिया लिमिडेट में तत्कालीन डायरेक्टर ए. शिव रमन नायर हैं। बताया जा रहा है कि गीतांजलि ग्रुप के डायरेक्टर होने के अलावा नायर पीएनबी को भेजे जाने वाले एलओयू और एफएलसी पर हस्‍ताक्षर करने वाले अधिकारी भी थे। सीबीआई की ओर से इस फर्जीवाड़े की जांच जारी है और पहले भी इन कंपनियों के कई अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

ईडी ने मोदी और चोकसी की संपत्ति पर की थी कार्रवाई
इन अधिकारियों की गिरफ्तारी से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की 62 अचल संपत्तियां अटैच की थीं। इनकी कीमत 1800 करोड़ रुपए से ज्‍यादा आंकी जा रही है। ये सभी अचल संपत्तियां दोनों आरोपियों की निजी संपत्ति है। मालूम हो कि इस फर्जीवाड़े और घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी फिलहाल देश से बाहर हैं। सीबीआई के बार-बार समन भेजने जाने के बावजूद वे जांच के लिए देश लौटने को तैयार नहीं हैं।