
बिहार में तेज हुई निषाद आरक्षण की लड़ाई, लोकसभा चुनाव 2019 के लिए नई पार्टी का ऐलान
पटना। बिहार में निषाद आरक्षण की लड़ाई को तेज करते हुए शनिवार को निषाद विकास संघ के अध्यक्ष मुकेश सहनी ने निषाद आरक्षण संवाद बस यात्रा की शुरुआत पटना से की। इस यात्रा का उद्देश्य निषाद समाज के लिए आरक्षण की लड़ाई को घर-घर तक पहुंचाकर इसे मूर्त रूप देना है। इस मौके पर सहनी ने कहा कि यह यात्रा बिहार के प्रत्येक जिले से होकर गुजरेगी और आगामी चार नवंबर को पटना के गांधी मैदान में लाखों लोगों की उपस्थिति में पार्टी के नाम की घोषणा की जाएगी।
...ऐसा होगा यात्रा कार्यक्रम
निषाद आरक्षण संवाद बस यात्रा के दौरान मुंबई से अत्याधुनिक सुविधा से लैस बस पर सवार सहनी ने पहले दिन अपनी यात्रा पटना के करगिल चौक से प्रारंभ की। यात्रा हड़ताली मोड़ से आयकर गोलंबर होते हुए मोइनुल हक स्टेडियम तक पहुंची। इस मौके पर सहनी ने कहा कि यात्रा के दौरान वे राज्य के सभी जिलों में तय कार्यक्रम पर समाज के लोगों के बीच जाएंगे। इस दौरान संघ के पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता वाहनों के साथ यात्रा में सम्मलित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में पटना के अलावा, दो सितंबर को पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), तीन सितंबर को पश्चिम चंपारण (बगहा), चार सितंबर को सहरसा, पांच सितंबर को सुपौल और छह सितंबर को मधेपुरा में यात्रा निकाली जाएगी।
'बिहार में 14 फीसदी हैं निषाद'
उन्होंने बताया कि कुल नौ चरणों में पूरे बिहार में यह यात्रा निकाली जाएगी। संघ के प्रदेश, जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर के तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्ता यात्रा का हिस्सा बनेंगे। सहनी ने कहा, 'यात्रा के दौरान संबंधित जिले में रात्रि में सभा और बैठक आयोजित की जाएगी। यात्रा के अंत में आगामी चार नवंबर को पटना के गांधी मैदान में यात्रा का समापन कर विशाल 'निषाद आरक्षण महारैला' का आयोजन किया जाएगा, जहां निषाद समाज का शक्ति प्रदर्शन होगा। बिहार में निषादों का वोट 14 फीसदी है। दूसरी पार्टियों को गठबंधन के लिए हमारे पास आना पड़ेगा। हमारी मांगें पूरी नहीं होने पर अगले लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी के बैनर तले सभी 40 सीटों पर उम्मीदवार उतारा जाएगा।'
'मोदी ने किया था वादा'
उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निषादों को आरक्षण देने का वादा किया था, परंतु अब तक उनके द्वारा वादा पूरा नहीं किया गया। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों में निषादों को आरक्षण प्राप्त है तो बिहार में क्यों नहीं? निषाद आरक्षण संवाद बस यात्रा की रवानगी के अवसर पर संघ के उपाध्यक्ष डॉ. राजभूषण चौधरी, प्रधान महासचिव छोटे सहनी, ब्रह्मदेव चौधरी, गौतम बिंद सहित बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता उपस्थित हुए।
Published on:
01 Sept 2018 04:58 pm
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