नोएडा-गाजियाबाद के तमाम निजी अस्पतालों में कोरोना वैक्सीन खत्म, लोग परेशान

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच एनसीआर के नोएडा-गाजियाबाद के प्रमुख निजी अस्पतालों में कोरोना वैक्सीन खत्म होने की खबरें सामने आ रही हैं। टीका लगवाने के लिए लोग परेशान घूम रहे हैं।

 

नई दिल्ली। देश भर में कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच इसकी वैक्सीन की कमी की कई खबरें सामने आ रही हैं। इस बीच दिल्ली-एनसीआर के दो प्रमुख इलाकों नोएडा और गाजियाबाद में भी कई प्रमुख निजी अस्पतालों में कोरोना वैक्सीन खत्म हो चुकी है। इसके चलते कई दिनों से वैक्सीन लगवाने का इंतजार कर रहे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नोएडा-गाजियाबाद के करीब दर्जन भर निजी अस्पतालों में कोरोना वायरस की वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। इन इलाकों में रहने वाले तमाम लोगों का कहना है कि वे बीते दो दिनों से कोरोना वैक्सीन लगवाने के प्रयासों में जुटे हैं, लेकिन अभी तक सफलता हासिल नहीं हो सकी है।

दिल्ली की एक निजी कंपनी में काम करने वाले गाजियाबाद निवासी 51 वर्षीय सीनियर मैनेजर आदित्य कुमार कहते हैं कि वे कुछ दिनों से अपने और अपने माता-पिता के लिए वैक्सीन खोज रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें टीका नहीं लग पाया है। आदित्य पिछले तीन दिनों में ली क्रेस्ट, अटलांटा और वसुंधरा हॉस्पिटल गए, लेकिन इन सभी जगह उन्हें एक ही जवाब मिला- हमारे यहां वैक्सीन नहीं है। आदित्य कहते हैं कि अगर गाजियाबाद जैसे शहर में वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, तो अन्य शहरों के क्या हालात होंगे?

गाजियाबाद के एक अन्य निवासी और व्यवसायी अनुराग त्रिपाठी कहते हैं कि वे कई निजी अस्पतालों में जाकर कोरोना वैक्सीन लगवाने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन कहीं भी यह उपलब्ध नहीं है। अनुराग खुद को कोविन ऐप पर भी रजिस्टर कर चुके हैं, लेकिन अस्पतालों में टीका ही नहीं है।

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एक निजी टीवी चैनल द्वारा कोरोना वैक्सीन की उपलब्धता के बारे में नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल, जेपी हॉस्पिटल और गाजियाबाद के सेंट जोसेफ, वसुंधरा, ली क्रेस्ट, अटलांटा और यशोदा अस्पताल में संपर्क किया, लेकिन सभी जगह से एक ही जवाब मिला कि वैक्सीन नहीं है। इतना ही नहीं अस्पतालों ने कहा कि उन्हें यह नहीं पता है कि कब तक वैक्सीन उपलब्ध होगी।

वहीं, गाजियाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. एनके गुप्ता कहते हैं कि शहर के सभी उपयुक्त निजी अस्पतालों को पर्याप्त संख्या में कोरोना वैक्सीन दी गई है और यह हालात ज्यादा मांग के चलते पैदा हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि शहर में दोनों कोरोना वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा। हो सकता है कि मांग बढ़ने के चलते ऐसा हो गया हो। गाजियाबाद प्रशासन के मुताबिक उनके पास तकरीबन 17 हजार वैक्सीन उपलब्ध हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक गाजियाबाद के पास 12 हजार जबकि नोएडा के पास 13 हजार वैक्सीन के डोज उपलब्ध हैं। गाजियाबाद को हाल ही में 5 हजार डोज भी मिले हैं। बताया जा रहा है कि वैक्सीन की कमी के कारण नोएडा में वैक्सीनेशन सेंटर्स की संख्या घटकर अब 41 पहुंच गई है। वाराणसी और जौनपुर में भी ऐसी ही बात सामने आ रही है।

वहीं, उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि उनके पास 9.8 लाख वैक्सीन का स्टॉक है और अगले तीन दिनों में और स्टॉक आने की संभावना है। मीडिया से बातचीत में राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. अजय घई ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वैक्सीन की कोई कमी नहीं है और हमें संभावित वक्त के भीतर वैक्सीन की डोज मिल रही हैं। औसतन प्रतिदिन टीकाकरण की संख्या 3 लाख है।

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जबकि वैक्सीन खत्म होने की रिपोर्ट पर उन्होंने कहा कि कुछ केंद्रों में टीका लगवाने पहुंचे लोगों की भारी संख्या के कारण कुछ शिकायतें आई थीं, लेकिन समय रहते मामला सुलझ गया था। प्रदेश में करीब 6500 केंद्रों पर टीकाकरण अभियान चल रहा है और सरकार जरूरी स्टॉक बनाने में सक्षम है।

उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने भी कहा कि प्रदेश में वैक्सीन के पर्याप्त डोज हैं और रोजाना औसतन 3 लाख लोगों को वैक्सीन दी जा रही है। हम केंद्र सरकार से लगातार डोज बढ़ाने के लिए कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें हमारे वैक्सीन निर्माण को भी देखना होगा, जो जर्मनी और न्यूजीलैंड जैसे कुछ देशों से पहले ही ज्यादा है।

अमित कुमार बाजपेयी
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