
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार राज्य की छह जेलों में बंद कैदियों को अब काऊ थेरेपी देना की योजना बना रही है। इसके तहत कैदी गाय की सेवा करेंगे और शुद्ध दूध पिएंगे। इस योजना के पीछे सरकार का दावा है कि गाय में जादुई शक्तियां होती हैं। गाय के संपर्क में आने से कैदियों में सुधार हो जाएंगे।
कैदियों का मस्तिष्क शुद्ध होगा
जेल प्रशासन का दावा है कि काऊ थेरेपी की मदद से कैदियों के मस्तिष्क से अपराधिक विचार खत्म होंगे। जेल में गाय पालने से जेल का वातावरण भी शुद्ध होगा और कैदियों में सकारात्म शक्ति का संचार होगा। गाय का शुद्ध ताजा दूध पीकर कैदी स्वस्थ्य होंगे। गाय के संपर्क में रहने से अस्थमा, डायबिजीट, आर्थराइटिस और हड्डियों संबंधी बीमारी से निजात मिलने का दावा किया जाता है।
देखभाल का पूरा जिम्मा संभालेंगे कैदी
इसके साथ ही गाय के गोबर और गौमूत्र को भी बाजार में बेचने की तैयारी है। जेल परिसर में ही गायों को खाने के लिए चारा भी उगाया जाएगा। इसके लिए कैदी ही खेती का काम करेंगे। यानि गाय की देखभाल का पूरा जिम्मा कैदी ही संभालेंगे। खबरों की माने तो जेल में बायोगैस प्लांट लगाने की भी योजना है। जिससे जेल को कुछ बिजली भी मिल सके।
1.5 करोड़ का बजट, 600 गाय आएंगी
जेल प्रशासन ने रीहैबिलिटेशन प्रोगाम के लिए करीब 1.05 करोड़ रुपए बजट तक किया है। इस पैसे के करीब 600 गाय खरीदी जाएगी। इसके अलावा जेल परिसर में खलिहान भी बनाई जाएगी। इस पूरी योजना को अगले महीने से अमली जामा पहनाए जाने की उम्मीद है।
6 जेल में बनेगी गौशाला
गुजरता और मध्यप्रदेश के भी कुछ जेल में गौशालाएं हैं। लेकिन कैदियों के लिए काऊ थेरेपी अपने आप में नई योजना है। हरियाणा के जेल में पहली गौशाला करनाल जेल में बनाए जाने की योजना है। इसके बाद अंबाला, सोनीपत, जींद, भिवानी और रोहतक में अपनाई जाएगी।
Published on:
18 Jan 2018 05:28 pm
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