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पाकिस्तान से तीतर की खाल वाला गिफ्ट लाकर फंसे सिद्धू, पशु कल्याण बोर्ड ने मांगा जवाब

भारतीय पशु कल्याण बोर्ड ने वन महानिदेशक और विशेष सचिव, वन अतिरिक्त महानिदेशक (वन्य जीव) और चंडीगढ़ के मुख्य वन्यजीव वार्डन से तीन दिन के अंदर सिद्धू पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।

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Navjot singh siddhu

पाकिस्तान से तीतर की खाल वाला गिफ्ट लाकर फंसे सिद्धू, पशु कल्याण बोर्ड ने मांगा जवाब

नई दिल्ली। पंजाब सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान जाकर लगातार चर्चा में बने हुए हैं। अब वह नई मुश्किल में फंस सकते हैं। सिद्धू पाकिस्तान से काले तीतर की खाल (black partridge) से बना हुआ गिफ्ट लेकर आए थे। उनपर वन्यजीव पशु क्रुरता अधिनियम के तहत कार्रवाई हो सकती है। भारतीय पशु कल्याण बोर्ड ने वन महानिदेशक और विशेष सचिव, वन अतिरिक्त महानिदेशक (वन्य जीव) और चंडीगढ़ के मुख्य वन्यजीव वार्डन से तीन दिन के अंदर सिद्धू पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।

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वन्यजीव कार्यकर्ता ने की शिकायत
हाल में नवजोत सिंह सिद्धू करतारपुर साहिब कॉरिडोर के शिलान्यास के लिए पाकिस्तान गए थे। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को तोहफा देने के लिए सिद्धू वहां से काले तीतर की खाल से बना हुआ तोहफा लेकर आए। इस बीच वन्यजीव कार्यकर्ता संदीप जैन ने इसे वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 का उल्लंघन बताते हुए वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो नई दिल्ली में सिद्धू के खिलाफ शिकायत कर दी थी। हालांकि विभाग का कहना है कि इसमें सिद्धू के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता। क्योंकि सीमा पार से कोई भी सामान कस्टम अधिकारियों की जांच के बाद ही भारत में आता है।

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सीएम अमरिंदर ने नहीं लिया तोहफा
मीडिया में आईं खबरों के मुताबिक, सिद्धू खुद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को स्टफ्ड तीतर देने गए थे, लेकिन सीएम ने इसे लेने से मना कर दिया। उनका कहना था कि वन्य जीवों की खाल से बने तोहफे को घर में रखने की अनुमति नहीं है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस तीतर को वन्य जीव विभाग के पास भेज दिया था और पूछा था कि क्या वे इसे रख सकते हैं। इसे भारत सरकार के वन्य जीव इंस्टीट्यूट में रखा गया है।

बता दें कि वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट-1972 के तहत किसी भी जंगली जानवर के शिकार या उसकी खाल को बिना अनुमति रखना कानूनी तौर पर अपराध है।