
नई दिल्ली। खाड़ी व मध्य पूर्व के देशों में राजनीतिक अनिश्चितता के कारण भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए अमेरिका की तरफ देख रहा है।
ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमरीका दौरे के दौरान ONGC और IOC ऑयल जैसी पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस की सार्वजनिक कंपनियां कुछ सौदे कर सकती हैं।
मोदी अमेरिका में ऊर्जा क्षेत्र की बड़ी कंपनियों के प्रमुखों से मुलाकात करने वाले हैं, इसलिए भारत की प्रमुख पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस कंपनियों द्वारा अमरीकी तेल कंपनियों में हिस्सेदारी बनाने की संभावना है।
उद्योग से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि भारत की पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस कंपनियां सौदे का हिस्सा बन सकती हैं। इनमें सार्वजनिक क्षेत्र या निजी क्षेत्र की कंपनियां हो सकती हैं।
प्रधानमंत्री 21 से लेकर 27 सितंबर तक अमेरिका में हैं, जहां वह संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी द्विपक्षीय वार्ता होगी।
अपने व्यस्त कार्यक्रमों के दौरान वह सीईओ के साथ एक गोलमेज बैठक भी करेंगे, जिसमें फॉर्च्यून 500 में शामिल कई कंपनियां होंगी।
सूत्रों ने बताया कि 16 अग्रणी कंपनियों के सीईओ प्रधानमंत्री के साथ ह्यूस्टन में शनिवार को होने वाली गोलमेज बैठक में हिस्सा लेंगे।
इनमें बेकर ह्यूजेस, बीपी, एमर्सन इलेक्ट्रिक कंपनी, आईएचएस मार्किट व अन्य कंपनियों के प्रमुख शामिल होंगे। सऊदी अरामको के तेल संयंत्र पर हुए हालिया हमले के बाद भारत अपने आपूर्तिकर्ताओं का दायरा बढ़ाना चाहता है।
Updated on:
22 Sept 2019 09:41 am
Published on:
22 Sept 2019 09:40 am

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