
मेडिकल और डेंटल कोर्स में दाखिले के लिए CBSE द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रवेश परीक्षा NEET का आयोजन 6 मई 2018 को किया जाएगा। अब जब केवल 1 महीने का समय ही बचा हैं परीक्षा में, इच्छुक उम्मीदवारों को अब तक अपनी तैयारी करके और पुनरावृति खत्म करने की ओर अग्रसर होना चाहिए। NEET भले ही अखिल भारत स्तर पे कुछ सबसे कठिन परीक्षाओं मे से एक है, परंतु प्र्याप्त मेहनत और लगन से इस परीक्षा में सफलता मिल सकती है।
अगर हम विशेषज्ञों और NEET परीक्षा के सफल छात्रों की मानें, तो यह कुछ नीतियां हैं जिन्हे अपनाकर आप शेष एक महीने का लाभ उठा सकते हैं और बहुत ही अच्छे अंकों से सफलता प्राप्त कर सकते हैं-
यह परीक्षा 4 विषयों में होती है- भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र, जन्तु विज्ञान और वनस्पति विज्ञान। ऐसा अक्सर देखा गया है की NEET के उम्मीदवारों की जीव विज्ञान और रसायन शास्त्र में ज्यादा अंक मिलते हैं, भौतिक शास्त्र की अपेक्षा। अब बस केवल 30 दिन बचे हैं तो इन 30 दिनों का अच्छे से प्रयोग करें। एक समय सारणी बनाएं और उसके अनुसार ही काम करें।
1 सप्ताह का समय भौतिकी विज्ञान को दें। इस समय में पुनरावृति और सारे संदेह दूर कर लें।
अगला 1 सप्ताह जीव विज्ञान को। इन 7 दिनों में वनस्पति विज्ञान और जन्तु विज्ञान को पूरा करें।
अगले सप्ताह रासयान शास्त्र को पूरा करे। इसमें और्गॆनिक रसायन और अकार्बनिक रसायन शास्त्र दोनों को पूरा करलें। और आखिरी के 7 दिन पुनर अभ्यास करें और मॉक टेस्ट और पिछले साल के प्रश्न पत्र बनाएं|
इन एक महीने में सारे विषयों के पूरे महत्वपूर्ण भागों को पढ़ लें।
NEET के कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण शीर्षक
समय कम है इसलिए अब बस कुछ सबसे अत्याधिक महत्वपूर्ण शीर्षकों को ही पढ़ें। सारे शीर्षकों को पढ़ने में समय व्यर्थ न करें। क्योंकि समय बहुत कम है तो इन शीर्षकों को बहुत ही लगन के साथ पढें और अत्याधिक फल पाने की कोशिश करें।
समय सारणी के अनुसार पढ़ाई: जैसा कि ऊपर लिखा है, समय सारणी के अनुसार ही पढ़ें। अब नए-नए तर्क और प्रयोग का समय नहीं है। NCERT के किताबों को पूरा खत्म कर लें। अभी तक सारे विषयों और शीर्षकों पर पूर्व नियोजित समय ही दें और अत्यधिक समय न व्यर्थ करें। कोशिश करें की जितना समय एक विषय के लिए नियोजित करा हैं, उतने में ही पूरा करें। एक महीने के लिए सब कुछ भूलकर पढ़ाई करें। ज्यादा से ज्यादा दिमाग का इस्तेमाल करें। यह आपकी मानसिक क्षमता को बढ़ाएगा। कोशिश करें कि एक दिन मे कम से कम 10 घंटे की पढ़ाई करें। उचित विश्राम करें पर पढ़ाई को ज्यादा महत्व दें। जो भी पढ़ें उसकी पुनरावृति अवश्य करें।
पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र को हल करें: पढ़ाई पूरी हो जाने पर पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र जरूर बनाएं। यह आपको समय और अपनी क्षमता का पता लगाने में मददगार साबित होगा। यह प्रश्न के स्वरूप को समझने में लाभदायक होगा। ऑनलाइन मॉक टेस्ट भी दें। यह आपके कमजोर और मजबूत भागों को जानने में बहुत ही लाभदायक होगा। यह आपको एक बेहतर तरीके से पढ़ने मे मदद करेगी।
महत्वपूर्ण शीर्षकों को पढ़ें: महत्वपूर्ण शीर्षकों को बस पढ़ें नहीं समझें भी। पहले आसान और महत्वपूर्ण विषयों को पूरा करें। सिलेबस को पूरा करें। अपने नोट्स और किताबों को पढ़ते समय पेन से मार्क करें, जो आपको बाद में जरूरी हिस्सों को ध्यान में रखने में मदद करेगा। पढ़ने वाले मेज के सामने वाली दीवार पर नोट्स लिखकर चिपकाएं और इसे रोज देखें। यह आपके अवचेतन मन में जगह बनाएगी जो परीक्षा के समय उपयोगकारी होगा।
अपनी अवधारणा का निर्माण करें: अपने आधार को मज़बूत करें। यह सबसे मत्वपूर्ण चरण है। चारों विषयों के अवधारणनाओं को स्पष्ट करें। आधार मजबूत करें।
निरंतर अभ्यास और मेहनत आपको सफल बनाएगी। तब तक अभ्यास करते रहें जब तक पूर्ण रूप से संतुष्ट न हो जाएं।
अपनी सेहत पर ध्यान दें। खुद को स्वस्थ रखें और सकरात्मक सोच बनाएं रखें। सकरात्मक सोच आप में नई ऊर्जा का प्रवाह करेगी।
Updated on:
06 Apr 2018 06:11 pm
Published on:
06 Apr 2018 01:51 pm
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