विविध भारत

भारत को मिली बड़ी कामयाबी, मसूद अजहर को अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित करने का विरोध नहीं करेगा पाकिस्तान!

संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कराने का प्रस्ताव रखा गया है। अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस की तरफ से रखा गया है यह प्रस्ताव। चीन-पाकिस्तान ने भी प्रस्ताव का विरोध नहीं करने के दिए हैं संकेत!  

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Mar 04, 2019
आतंकी हाफिज सईद और आतंकी मसूद अजहर

नई दिल्ली। पाकिस्तान के अंदर बैठकर आतंक का कारोबार चलाने वाले आतंकी मसूद अजहर को लेकर भारत को एक बड़ी कामयाबी मिली है। दरअसल आतंकी संगठन जैश-ए-मौहम्मद के मुखिया मसूद अजहर को अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित किए जाने का विरोध अब पाकिस्तान नहीं करेगा। रविवार को मीडिया रिपोर्ट में यह बताया गया है कि आतंकी मसूद अजहर को लेकर अपने रूख में बदलाव किया है। इसके पीछे अंतर्राष्ट्रीय दबाव का असर भी हो सकता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान ने मसूद अजहर को अंतर्राष्ट्री आतंकी घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में लाए गए प्रस्ताव का विरोध नहीं करने का निर्णय लिया है। इतना ही नहीं रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पाकिस्तान ने एक कड़ा फैसला लेते हुए जैश व लश्कर-ए-तोइबा आदि सभी आतंकी संगठनों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की तैयारी कर ली है। हालांकि अभी तक पाकिस्तान की सरकार की ओर से इस तरह का कोई भी बयान सामने नहीं आया है। बताया जा रहा है कि इस तरह की सूचना पाकिस्तान के एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से दिया गया है। अधिकारी ने दावा किया है कि पाकिस्तान पुलवामा हमले से पहले ही आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कदम उठाने वाला था।

सुरक्षा परिषद में अजहर को अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित किए जाने का रखा गया है प्रस्ताव

आपको बता दें कि संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कराने का प्रस्ताव रखा गया है। यह प्रस्ताव अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस की तरफ से रखा गया है। इसपर अगले 10 दिनों में फैसला होना है। मालूम हो कि सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य देश हैं, जिनमें से पांच स्थाई देशों के पास वीटो का अधिकार है। इनमें अमरीका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन शामिल है। बीते 10 वर्षों में सुरक्षा परिषद में चार बार मसूद अजहर को अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव रखा गया लेकिन हर बार चीन ने अपने वीटो अधिकार का प्रयोग कर प्रस्ताव को पास होने से रोक दिया। 2009, 2016 और 2017 में प्रस्ताव लाया गया था।

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Updated on:
04 Mar 2019 08:09 am
Published on:
04 Mar 2019 01:36 am
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