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मानव तस्करी कर 15 वर्ष में 80 करोड़ की संपत्ति का मालिक बन गया झारखंड का पन्नालाल

झारखंड के रहने वाले एक शख्स ने आदिवासी लड़कियों का सौदा करके महज 15 वर्ष में 80 करोड़ की चल-अचल संपत्ति बना ली।

Sep 16, 2018 / 03:22 pm

Anil Kumar

मानव तस्करी कर 15 वर्ष में 80 करोड़ की संपत्ति का मालिक बन गया झारखंड का पन्नालाल

मानव तस्करी कर 15 वर्ष में 80 करोड़ की संपत्ति का मालिक बन गया झारखंड का पन्नालाल

नई दिल्ली। दुनियाभर में मानव तस्करी एक गंभीर समस्या बनी हुई है। लेकिन हिन्दुस्तान में मानव तस्करी का व्यापार बहुत हीं कम समय में अपनी जड़ें जमा चुका है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि झारखंड के रहने वाले एक शख्स ने आदिवासी लड़कियों का सौदा करके महज 15 वर्ष में 80 करोड़ की चल-अचल संपत्ति बना ली। बता दें कि हाल ही जमानत पर जेल से बाहर आया पन्नालाल महतो 5000 लड़के-लड़कियों का सौदा करके महज 15 वर्ष में 80 करोड़ से अधिक की संपत्ति के मालिक बन चुका है। बताया जाता है कि वर्ष 2003 में महज पांच हजार रुपए लेकर दिल्ली पहुंचा था और अब करोड़ों रुपए का मालिक है। यह भी खुलासा हुआ है कि मानव तस्करी से अर्जित पैसों में एक करोड़ 81 लाख 75 हजार रुपए से अरगोडा़ में 70 डिसमिल जमीन खरीदी है। आज के समय में उस जमीन की कीमत 50 करोड़ रूपए से अधिक बताई जा रही है। पन्नालाल महतो पर मानव तस्करी सहित कई मामलें रांची, खूंटी और दिल्ली में कुल 9 केस दर्ज हैं।

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2003 में आया था दिल्ली

आपको बता दें कि मानव तस्करी के आरोपों में घिरे पन्नालाल के खिलाफ तीन वर्ष पहले उसकी संपत्ति का ब्योरा देते हुए खूंटी के तत्कालीन एसपी ने प्रवर्तन निदेशालय से जांच करने की अनशंसा की थी। इससे पहले पन्नालाल ने खूंटी पुलिस के सामने अपने अपराध को स्वीकार करते हुए बयान दर्ज कराया था। लेकिन अब एक बार फिर से खूंटी पुलिस उसकी संपत्ति को लेकर संबंधित ब्योरे के साथ ईडी जांच की अनुशंसा करने जा रहा है। पन्नालाल ने बताया था कि वर्ष 2003 में वह घर से महज पांच हजार रुपए लेकर राजधानी दिल्ली पहुंचा गया था। दिल्ली में उसने चार हजार रुपए में किराए पर एक मकान लिया। उसके बाद वहीं पर बिरसा भगवान वेलफेयर सोसाइटी नामक प्लेसमेंट एजेंसी खोली। इस एजेंसी के माध्यम से वह लड़कियों की तस्करी करनी शरू कर दी। पन्नालाल ने आगे बताया कि प्लेसमेंट एजेंसी का प्रचार प्रसार करते हुए कई एजेंटों को अपने साथ जोड़ा। फिर तस्करी करने के दायरे को बढ़ाने के लिए कई चल-अचल संपत्ति खरीदी। इसी बीच 2003 में रही उसकी मुलाकात सुनीता नाम की एक लड़की से हुई। वह नौकरी के लिए उसके पास आई थी। सुनीता पढ़ी-लिखी और बोलचाल में बेहतर थी। लिहाजा उसे नौकरी दे दी। फिर बाद में उसी से शादी कर ली। कुछ समय बाद पन्नालाल को पता चला कि सुनीता मां नहीं बन सकती थी। इसपर सुनीता ने अपनी चचेरी बहन हीरामनी से दूसरी शादी करवा दी। पन्नालाल को हीरामनी से दो लड़की और एक लड़का हुआ। इधर उसके तस्करी का दायरा बढ़ चुका था। लिहाजा प्लेसमेंट एजेंसी की कमाई से 2005 में दिल्ली के शकूरपुर में जेजे कॉलोनी में 25-25 गज जमीन के दो टुकड़े खरीदे। वहीं पर चार मंजिला मकान बनाया और वहीं पर कार्यालय खोला

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अलग-अलग राज्यों के इन क्षेत्रों में होती थी तस्करी

बता दें कि पन्नालाल अपने तस्करी के दायरे को बढ़ाते हुए कई शहरों तक फैला चुका था। उसके एजेंट गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद, चंडीगढ़, जयपुर, लखनऊ, कानपुर, पटना, बेंगलुरु, हैदराबाद आदि शहरों में लड़कियों की तस्करी करते थे। इससे कमीशन के तौर पर उसे एक मोटी कमाई होती थी। पन्नालाल के नाम पर कई शहरों में जमीन रजिस्टर्ड है। खूंटी टोली महिला रोड पर 1.27 एकड़ जमीन, रांची-खूंटी रोड पर 2.54 एकड़ जमीन, अरगोड़ा-पुंदाग रोड पर 80 डिसमिल जमीन, खूंटी के हुटार मौजा में रांची-खूंटी मार्ग पर 5.12 एकड़ जमीन, दिल्ली के शकूरपुर में 50 गज जमीन रजिस्टर्ड है। इसके अलावा पन्नालाल के पास एक फॉरच्यूनर व एक आइ-टेन कार है। साथ ही उनके नाम पर माता डेवलपर से एमओयू है।

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