Patrika Positive News: दिन-रात कोरोना वायरस के खौफ में जी रहे लोगों को अब खबरों का उजियारा पक्ष दिखाने के लिए पत्रिका पॉजिटिव न्यूज अभियान के तहत आपको खबरों की वो हकीकत दिखाई जा रही है, जिसे जानकर आपका इस महामारी के खिलाफ जंग का हौसला बढ़ेगा।
नई दिल्ली। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान फैले भय के माहौल के बीच पत्रिका आपको अब हकीकत से कुछ यूं रूबरू कराने जा रहा है कि आपको ताजा जानकारी तो मिले, लेकिन उसका उजियारा पक्ष पहले सामने आए। इसके लिए पत्रिका पॉजिटिव न्यूज कैंपेन ( Patrika Positive News ) के अंतर्गत हम आपको मंगलवार के लेटेस्ट अपडेट से रूबरू कराते हैं, जिसमें आपको पता चलेगा कि देश में फिलहाल एक्टिव केस के मामले में ऐसे 17 राज्यों में महज 50,000 मामले हैं, जबकि 13 में एक लाख से ज्यादा एक्टिव केस हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने मंगलवार को जानकारी दी कि देशभर में ज्यादातर राज्यों में एक्टिव केस की संख्या कम है, जो एक अच्छी खबर है। 13 राज्यों में कोविड-19 के 1 लाख से अधिक, 6 राज्यों में 50,000 से 1 लाख के बीच और और 17 राज्यों में 50,000 से भी कम एक्टिव केस हैं।
एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया, "1 लाख से अधिक सक्रिय मामलों वाले 13 राज्यों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, हरियाणा, मध्य प्रदेश और बिहार शामिल हैं।"
इन राज्यों में लगातार कम हो रहे दैनिक नए मामले
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इस बीच, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, तेलंगाना, चंडीगढ़, लद्दाख, दमन और दीव, लक्षद्वीप और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से लगातार COVID-19 के नए दैनिक मामलों में कमी देखने को मिल रही है।
इसके अलावा महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, छत्तीसगढ़, बिहार विज्ञापन गुजरात में भी दैनिक नए COVID-19 मामलों में निरंतर कमी देखी जा रही है।
एक दिन किए गए अब तक के सर्वाधिक टेस्ट
इस दौरान इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने कहा, "बीते 30 अप्रैल 2021 को एक दिन में 19,45,299 परीक्षण किए गए, जो दुनिया में अब तक किए गए सबसे अधिक टेस्ट हैं।"
डोर-टू-डोर टेस्टिंग की संभावना
डॉ. भार्गव ने आगे कहा, "फिलहाल राष्ट्रीय सकारात्मकता दर (पॉजिटिविटी रेट) लगभग 21 प्रतिशत है। रैपिड एंटीजन टेस्ट (आरएटी) को सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य सुविधाओं में अनुमति दी जानी चाहिए और इसके लिए किसी भी मान्यता की आवश्यकता नहीं है। घर-घर जाकर परीक्षण किए जाने के समाधान तलाशे जा रहे हैं।"
जमकर खोले जाएंगे टेस्टिंग सेंटर्स
भार्गव ने रैपिड एंटीजन टेस्ट (RAT) के बारे में कहा, "शहरों, कस्बों और गांवों में कई 24X7 RAT बूथ स्थापित किए जाएंगे। सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं पर RATS की अनुमति दी जाएगी। किसी भी मान्यता की जरूरत नहीं है। स्कूलों, कॉलेजों, सामुदायिक केंद्र, RWA कार्यालय आदि में RAT बूथ स्थापित किए जाने हैं।"
पीपीपी मॉडल पर बनेंगे सेंटर्स
आईसीएमआर के महानिदेशक ने कहा, "पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को नवीन और सुविधाजनक परीक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। RATS को ICMR से परिभाषित RAT एल्गोरिथ्म के अनुसार संचालित किया जाना चाहिए। सभी RTPCR और RAT परीक्षण के परिणाम ICMR पोर्टल पर अपलोड किए जाने चाहिए। सभी RAT और RTPCR परीक्षण केंद्र में सोशल डिस्टेंसिंग मानदंड सुनिश्चित किए जाने चाहिए।"
इन राज्यों में बढ़ रहे मामले
स्वास्थ्य मंत्रालय ने चिंता जताते हुए बताया, "कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पंजाब, असम, जम्मू और कश्मीर, गोवा, हिमाचल प्रदेश, पुडुचेरी, मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में रोजाना कोरोना के नए मामले बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं।"