15 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सरकारी दुकान से नहीं मिल रहा पर्याप्त राशन, नेपाल के बाजार से चीन का अनाज खरीद हैं ये लोग

देश का एक ऐसा भी हिस्सा है जहां पर लोग चीन का राशन खरीद कर खाने को मजबूर हैं।

2 min read
Google source verification
chian gain

सरकारी दुकान से नहीं मिल रहा पर्याप्त राशन, नेपाल के बाजार से चीन का अनाज खरीद हैं ये लोग

नई दिल्लीः एक ओर जहां देश में भरपूर अनाज होने के दावे किए जा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ उत्तर भारत का ऐसा क्षेत्र है जहां पर अनाज की भारी किल्लत है। उत्तराखंड के कुमाऊं में सीमावर्ती सात गांवों के लोगों को पर्याप्त मात्रा में राशन नही मिल पा रहा है। बूंदी, गूंजी, गर्ब्यांग, कुटी, नपलचु, नभी और रोंकॉन्ग गांव के लोग नेपाल के रास्ते चीन से आने वाला नमक, कुकिंग तेल, चावल और गेहूं लेने पर मजबूर हैं। सरकारी राशन की कम आपूर्ति होने की वजह से आदिवासी बहुल इस इलाके के लोग नेपाल के बाजारों से चीन का राशन खरीद रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि राज्य सरकार की तरफ से दिया जाना वाला राशन जरुरत के हिसाब से काफी कम है। आरोप है कि मामले की शिकायत को लेकर कई ग्रामीण धारचूला के एसडीएम से मिले थे। लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।

इस तरीके से राशन खरीदते हैं लोग
बताया जा रहा है कि भारत को नेपाल से जोड़ने वाले गार्बियांग के पास स्थित काली नदी पर बने एक पुल को पार करके स्थानीय लोग नेपाल के तिनकर और चांगरू गांव में जाते हैं और यहां के बाजारों में चीन का राशन मौजूद है। चीन में उत्पादित इस राशन को लोग खरीद खाते हैं। लोगों का कहना है कि नेपाल के बाजारों में चीन का राशन आसानी से उपलब्ध है। लोगों का कहना है कि अगर धारचुला से राशन खरीदते हैं तो महंगा पड़ता है। जबकि नेपाल के बाजारों से खरीदने पर अन्य जगहों के मुकाबले कम खर्च बैठता है।

पांच किलो गेहूं और दो किलो चावल देती है सरकार
दरअसल उत्तराखंड सरकार प्रत्येक गरीब परिवारों को पांच किलो गेहूं और दो किलो चावल प्रति महीने देती है। जोकि काफी कम है। सीमावर्ती इन इलाकों में राशन पहुंचाने की दिक्कत भी होती है। बताया जा रहा है कि सरकारी राशन की दुकान के लिए राशन हेलीकॉप्टर से मंगाया जाता है।

बड़ी खबरें

View All

विविध भारत

ट्रेंडिंग