Covishield टीका लगवाने के बाद व्यक्ति की तबीयत बिगड़ी, मुआवजे के लिए सीरम को भेजा नोटिस

  • कोरोना वैक्सीन 'कोविडशील्ड' (Covishield Vaccine Dose) के रिएक्शन की शिकायत मिली
  • 40 वर्षीय शख्स का आरोप-कोरोना वैक्सीन लेने के बाद सामने आई ये समस्याएं

नई दिल्ली। भारत समेत दुनिया भर में बढ़ रहे कोरोना वायरस मरीजों के बीच जहां लोगों को बेसब्री से कोरोना वैक्सीन का इंतजार है, वहीं इससे जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। ट्रायल के दौरान कोरोना वैक्सीन 'कोविडशील्ड' (Covishield Vaccine Dose) के रिएक्शन की शिकायत मिली है। 40 वर्षीय एक शख्स ने सीरम इंस्टीटयूट और इससे जुड़ी संस्थाओं को नोटिस भेजकर बतौर मुआवजा 5 करोड़ रुपए की मांग की है। व्यक्ति की शिकायत है कि कोविडशील्ड का टीका लगवाने के बाद उसको वर्चुअल न्यूरोलॉजिकल ब्रेकडाउन और सोचने-समझने की क्षमता के कमजोर होने जैसी शिकायत का सामना करना पड़ा है। यही नहीं शख्स ने टीके के ट्रायल रोकने की भी मांग की है।

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वैक्सीन के परीक्षण टीके को असुरक्षित बताया

शख्स ने कोरोना वैक्सीन के परीक्षण टीके को असुरक्षित बताया है। इसके साथ ही इसकी टेस्टिंग, निर्माण, और वितरण की मंजूरी रद्द करने की भी मांग की है। जबकि ऐसा नहीं करने पर इस मामले को कोर्ट में ले जाने की चेतावनी दी है। कोरोना वैक्सीन के ट्रायल से क्षुब्ध शख्स ने पुणे स्थित भारतीय सीरम संस्थान (SII) को एक लीगल नोटिस भी भेजा है। आपको बता दें कि सीरम संस्थान ने कोविडशील्ड टीका निर्माण के लिए ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय (Oxford University) और एस्ट्राजेनेका (Astrazeneca) के साथ एग्रीमेंट किया है।

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14 लाख से ज्यादा की मौत

शख्स का आरोप है कि कोरोना वैक्सीन का टीका लेने के बाद उसको तीव्र मस्तिष्क विकृति, मानसिक क्षति और दूसरी बीमारियों का सामना करना पड़ा है। व्यक्ति ने कहा कि मेडिकल जांच में इसक पुष्टि हुई है। आपको बता दें कि दुनिया में कोरोनावायरस महामारी का कहर जारी है। अब तक यह जानलेवा महामारी 6 करोड़ से अधिक लोगों को संक्रमित कर चुकी है, जबकि 14 लाख से ज्यादा की मौत हुई है। हर रोज संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है, मरने वालों की तादाद भी बढ़ रही है। अमेरिकी महाद्वीप महामारी से सबसे अधिक प्रभावित है। वहीं यूरोप में महामारी की दूसरी लहर कहर बरपा रही है। हालांकि कुछ देश ऐसे भी हैं जहां वायरस का प्रकोप कम हो रहा है। इसकी वजह से वहां की सरकारें थोड़ा राहत महसूस करते हुए सख्त कदमों में ढील दे रही हैं। पर विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ को लगता है कि अभी भी वायरस का खतरा टला नहीं है।

Mohit sharma
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