
नई दिल्ली: CBSE पेपर लीक मामले पर सरकार ने चिंता जाहिर की है। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले को लेकर केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से फोन पर बात कर दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए इलेक्ट्रॉनिकली कोडेड पेपर लाने का फैसला किया है। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि पेपर लीक मामले को रोकने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। अब इलेक्ट्रॉनिकली कोडेड पेपर परीक्षा केंद्रों पर आधा घंटे पहले भेजे जाएंगे। जिसका प्रिंट आउट निकाल कर छात्रों को दिया जाएगा। जावडेकर ने कहा कि पेपर लीक की जांच के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम गठित की गई है।
10वीं और 12वीं क्लास के दो विषयों की दोबारा होगी परीक्षा
गौरतलब है कि CBSE के पेपर लीक होने की खबर के बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने दो विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। सीबीएसई 12 वीं क्लास के अर्थशास्त्र की परीक्षा और दसवी क्लास के गणित विषय की परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। हालांकि अभी परीक्षा की तारीखों का ऐलान नहीं किया गया है। लेकिन एक हफ्ते के भीतर डेट की घोषणा कर दी जाएगी।
पेपर लीक की थी खबर
दरअसल इस साल सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में पेपर लीक होने की अफवाह थी। इस मामले में पुलिस की जांच चल रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक परीक्षा को दोषमुक्त रखने के लिए बोर्ड ने यह फैसला लिया है। हालांकि सीबीएसई ने पेपर लीक की खबरों को अफवाह करार दिया था। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कहा था कि व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से संदेशों द्वारा पेपर लीक करने की कोशिश की गई होगी तो इसकी जांच कराई जाएगी।
10 और 12वीं क्लास की परीक्षा में करीब 29 लाख स्टूडेंट्स हुए थे शामिल
इस साल 5 मार्च से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं शुरू हुई थीं। इन परीक्षाओं में देशभर से 28 लाख, 24 हजार, 734 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। सीबीएसई के मुताबिक इस साल दसवीं की परीक्षा में 16 लाख, 38 हजार, 428 और बारहवीं की परीक्षा में 11 लाख, 86 हजार, 306 परीक्षार्थी रजिस्टर हुए थे।
Updated on:
28 Mar 2018 06:45 pm
Published on:
28 Mar 2018 04:57 pm
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