अगले पांच सालों में तैयार होगा पेट्रोल का विकल्प, सरकार के पास रोडमैप तैयार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर कहा कि सरकार पेट्रोल की जगह पर एथेनॉल के इस्तेमाल को लेकर काम कर रही है। सरकार इस लक्ष्य को अगले पांच सालों में हासिल कर लेगी।

नई दिल्ली। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से लोग परेशान हैं और इसको लेकर विपक्ष लगातार सरकार को निशाना बना रही है। वहीं, दूसरी तरफ बढ़ते प्रदूषण को लेकर भी चिंताएं जताई जा रही है। इस बीच 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) के मौके पर प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए एथेनॉल के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर दिया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि सरकार पेट्रोल की जगह पर एथेनॉल के इस्तेमाल को लेकर काम कर रही है। सरकार इस लक्ष्य को अगले पांच सालों में हासिल कर लेगी। यानी कि अगले पांच साल बाद अब पेट्रोल की जगह एथेनॉल का इस्तेमाल किया जाएगा।

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पीएम मोदी ने कहा कि प्रदूषण को कम करने और आयात पर निर्भरता घटाने के लिए पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने के लक्ष्य को हमने पांच साल घटाकर 2025 कर दिया है। पहले इस लक्ष्य का हासिल करने के लिए 2030 का लक्ष्य रखा गया था।

किसानों के जीवन पर भी पड़ रहा है असर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर अपने भाषण में कहा ‘‘ हम थेनॉल के इस्तेमाल पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिसेस पर्यावरण के साथ ही किसानों के जीवन पर भी एक बेहतर प्रभाव पड़ रहा है। हमने 2025 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल सम्मिश्रण करने के लक्ष्य का संकल्प लिया है। पिछले साल सरकार ने 2022 तक ईंधन ग्रेड के एथेनॉल को 10 प्रतिशत पेट्रोल में मिलाने का लक्ष्य तय किया था।"

इस लक्ष्य का हासिल करने के लिए इससे जुड़े सभी हितधारकों को पीएम मोदी ने शुभकामनाएं भी दी और कहा 2014 तक भारत में औसतन सिर्फ एक से डेढ़ प्रतिशत एथेनॉल मिलाया जाता था। पर आज करीब 8.30 प्रतिशत एथेनॉल का इस्तेमाल किया जा रहा है।

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पीएम मोदी ने आगे कहा कि 2013-14 में जहां देश में 38 करोड़ लीटर एथेनॉल खरीदा गया था, जिसमें अब आठ गुना से भी अधिक (320 करोड़ लीटर) की बढ़ोतरी हुई है। पेट्रोलियम कंपनियों ने पिछले साल 21,000 करोड़ रुपये का एथेनॉल खरीदा। सबसे खास बात कि इसका सबसे बड़ा हिस्सा देश के किसानों, विशेष कर गन्ना किसानों को गया और उन्हें इससे बहुत लाभ हुआ। उन्होंने कहा कि एथेनॉल के इस्तेमाल से पर्यावरण के साथ-साथ किसानों के जीवन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

पीएम मोदी ने दिखाया रोडमैप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कैसे उन्होंने इस लक्ष्य को जल्द से जल्द हासिल करने के लिए सभी संबंधित पक्षों को निर्देश दिया है। '21वीं सदी में एथेनॉल ब्लेंडिंग भारत की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। बता दें कि इस विशेष मौके पर पीएम मोदी ने पुणे में 3 जगहों पर एथेनॉल के उत्पादन और वितरण से जुड़े E100 पायलट प्रोजेक्ट को भी लॉन्च किया।

गौरतलब है कि एथेनॉल एक इको-फ्रेंडली फ्यूल है, जिसे पेट्रोल में मिलाया जाता है। एथेनॉल को गन्ने से तैयार किया जाता है। इथेनॉल को पेट्रोल में मिलाने से प्रदूषण कम करने में मदद मिलती है वहीं जहरीली गैसों का उत्सर्जन भी कम होता है।

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Anil Kumar
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