पुणे। कोर्ट के आदेश और शनिशिंगणापुर मंदिर ट्रस्ट ने एलान किया था कि महिलाएं भी मंदीर में पूजन कर सकती है। इस एलान के बाद भी विवादों का दौर जारी है। एक तरफ किसी मंदिर का मामला सलटता है तो दूसरे मंदिर का मामला सामने आ जाता है। अब मंदिर विवाद की कड़ी में जो नया नाम जुड़ा है वो है पुणे का महालक्ष्मी मंदिर।
भूमाता रणरागिनी ब्रिगेड की लीडर तृप्ति देसाई का आरोप है कि महाराष्ट्र पुलिस ने उनसे कहा है कि अगर वह कोल्हापुर के महालक्ष्मी मंदिर में दर्शन और पूजा के लिए आएं तो वहां साड़ी पहनकर आएं। तृप्ति ने कहा कि एक पुलिस अफसर ने उन्हें फोन कर ये ऑर्डर दिया।
मैं साड़ी पहन कर नहीं जाउंगी मंदिरः तृप्ति
तृप्ति का आरोप है कि मंगलवार शाम अनिल देशमुख नाम के एक पुलिस अफसर ने उन्हें फोन किया। देशमुख ने उनसे कहा कि अगर वे मंदिर में दर्शन के लिए आती हैं तो साड़ी पहनकर आएं ताकि मंदिर की परंपरा न टूटे। देसाई ने अफसर से बातचीत का ऑडियो टेप भी जारी किया। देसाई ने कहा कि वे ये सलाह नहीं मानेंगी। उन्होंने कहा कि वे मिनी स्कर्ट पहनकर मंदिर में नहीं जा रही हैं। अगर वे ऐसा करतीं तो पुलिस को ऑब्जेक्शन होता। उन्होंने कहा कि वे सलवार सूट पहनकर मंदिर जाएंगी क्योंकि यह भी पंजाबी और सलीके वाली ड्रेस है।
पुजारियों को कोई आपत्ति नहीं हो इसलिए किया था फोनः पुलिस अधिकारी
वहीं पुलिस अधिकारी अनिल देशमुख ने माना है कि उनकी देसाई से फोन पर बातचीत हुई थी। देशमुख ने यह भी माना कि उन्होंने तृप्ति से साड़ी पहनकर आने को कहा था ताकि पुजारियों को कोई आपत्ति नहीं हो।
आपको बता दें कि कोल्हापुर के महालक्ष्मी मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की इजाजत मिलने के बाद तृप्ति और कुछ महिलाएं यहां दर्शन के लिए आने वाली हैं।