
Gama
#qp_main1916332 .qp_btna:hover input {background:rgb(183,222,237)!important;background:-moz-linear-gradient(top, rgba(183,222,237,1) 0%, rgba(113,206,239,1) 50%, rgba(33,180,226,1) 51%, rgba(183,222,237,1) 100%)!important;background: -webkit-gradient(linear, left top, left bottom, color-stop(0%,rgba(183,222,237,1)), color-stop(50%,rgba(113,206,239,1)), color-stop(51%,rgba(33,180,226,1)), color-stop(100%,rgba(183,222,237,1)))!important;background: -webkit-linear-gradient(top, rgba(183,222,237,1) 0%,rgba(113,206,239,1) 50%,rgba(33,180,226,1) 51%,rgba(183,222,237,1) 100%)!important;background: -o-linear-gradient(top, rgba(183,222,237,1) 0%,rgba(113,206,239,1) 50%,rgba(33,180,226,1) 51%,rgba(183,222,237,1) 100%)!important;background: -ms-linear-gradient(top, rgba(183,222,237,1) 0%,rgba(113,206,239,1) 50%,rgba(33,180,226,1) 51%,rgba(183,222,237,1) 100%)!important;background: linear-gradient(to bottom, rgba(183,222,237,1) 0%,rgba(113,206,239,1) 50%,rgba(33,180,226,1) 51%,rgba(183,222,237,1) 100%)!important;filter: progid:DXImageTransform.Microsoft.gradient( startColorstr='#b7deed', endColorstr='#b7deed',GradientType=0)!important}क्या दागी लोकसेवकों का नाम गोपनीय रखना सही है? हांनहींकुछ कह नहीं सकतेhere
जयपुर। भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर आए दिन निशाने पर आ रही राज्य सरकार ने दागी लोकसेवकों को संरक्षण दिया है। दुष्कर्म पीडि़ता को संरक्षण वाली भारतीय दंड संहिता की धारा में अभियोजन स्वीकृति से पहले दागी लोकसेवक का नाम व पहचान उजागर करने पर दो साल की सजा का प्रावधान जोड़ा है। फिलहाल यह संरक्षण अध्यादेश के जरिए दिया गया है। सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में इसका विधेयक पेश होगा। बड़ा सवाल यह है कि आखिर पूर्ण बहुमत होने के बावजूद सरकार पिछले रास्ते से आनन-फानन में यह अध्यादेश क्यों लाई? वह भी ऐसे समय में जबकि सोमवार से ही विधानसभा का सत्र शुरू होने जा रहा है। इसको लेकर न केवल विपक्ष बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी सवाल उठाए हैं। भ्रष्ट लोकसेवकों को सरकारी संरक्षण देने के राजस्थान सरकार के फैसले को आप किस नजरिए से देखते हैं, दीजिए जवाब-जयपुर। भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर आए दिन निशाने पर आ रही राज्य सरकार ने दागी लोकसेवकों को संरक्षण दिया है। दुष्कर्म पीडि़ता को संरक्षण वाली भारतीय दंड संहिता की धारा में अभियोजन स्वीकृति से पहले दागी लोकसेवक का नाम व पहचान उजागर करने पर दो साल की सजा का प्रावधान जोड़ा है। फिलहाल यह संरक्षण अध्यादेश के जरिए दिया गया है। सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में इसका विधेयक पेश होगा। बड़ा सवाल यह है कि आखिर पूर्ण बहुमत होने के बावजूद सरकार पिछले रास्ते से आनन-फानन में यह अध्यादेश क्यों लाई? वह भी ऐसे समय में जबकि सोमवार से ही विधानसभा का सत्र शुरू होने जा रहा है। इसको लेकर न केवल विपक्ष बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी सवाल उठाए हैं। भ्रष्ट लोकसेवकों को सरकारी संरक्षण देने के राजस्थान सरकार के फैसले को आप किस नजरिए से देखते हैं, दीजिए जवाब-
Updated on:
21 Oct 2017 10:54 pm
Published on:
21 Oct 2017 10:51 pm
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