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नाबालिग रेप पर फांसी के अध्यादेश को मिली राष्ट्रपति की मंजूरी, देश में लागू नया कानून

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने रविवार को POCSO एक्ट में संशोधन और भगोड़े आर्थिक अपराधी अध्यादेश 2018 को मंजूरी दे दी है।

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नई दिल्ली। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने रविवार को POCSO एक्ट में संशोधन और भगोड़े आर्थिक अपराधी अध्यादेश 2018 को मंजूरी दे दी है। ये दोनों अध्यादेश शनिवार को प्रधानमंत्री आवास पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लाए गए थे। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के साथ ही अध्यादेश ने कानून का रूप ले लिया है। बता दें कि इस कानून में 12 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वालों के लिए मृत्युदंड और 16 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वाले को आजीवन कारावास के प्रावधान रखा गया है।

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कर्ज लेकर विदेश भागने वालों पर कार्रवाई

इसके अलावा नए कानून के अंतर्गत अब बैंकों से कर्ज लेकर विदेश भागने वालों पर भी कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी। नया कानून आने से अब ऐसे अपराधियों की संपत्ति जब्त को बेचकर कर्जदाताओं का कर्ज उतारा जा सकेगा। बता दें कि जम्मू के कठुआ और यूपी के एटा में नाबालिग बच्चियों के साथ रेप की घटनाओं के बाद पूरे देश में दुष्कर्मियों पर सख्त कानून बनाए जाने की मांग उठा रही थी। जिसके बाद केन्द्र सरकार ने नाबालिगों से रेप मामले में सख्त कदम उठाने का फैसला किया था। दरअसल, अभी तक इस कानून में अपराधियों के लिए फांसी का प्रावधान शामिल नहीं था।

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ये है कानून में प्रावधान

इस कानून के अंतर्गत 12 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वालों के लिए मृत्युदंड और 16 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वाले को आजीवन कारावास के प्रावधान है। इसका उद्देश्य दुष्कर्म के विरुद्ध प्रभावी निवारण और देश की महिलाओं खासकर बच्चियों में सुरक्षा का भाव विकसित करना है। सरकार ने दुष्कर्म के मामले में त्वरित जांच और मुकदमे के लिए भी कई कदम उठाए हैं, जिसके अंतर्गत जांच के लिए दो महीने का समय और मुकदमा पूरा करने के लिए दो महीने का समय और छह महीने के अंतर्गत अपील के निपटान करने का प्रावधान है।


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