
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का जन्मदिन आज।
नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ( Ramnath Kovind Birthday ) आज अपना 75वां जन्मदिवस मना रहे हैं। इस मौके पर राष्ट्रपति को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ( PM Narendra Modi ) ने भी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को उनके जन्मदिन पर बधाई दी है। पीएम मोदी ने उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वचिंतों के प्रति रामनाथ कोविंद का जो सेवा भाव है, वह काफी जबरदस्त है। आइए, इस मौके पर हम आपको राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के बारे में कुछ दिलचस्प बातें बताने जा रहे हैं। जिसके बारे शायद कुछ लोग नहीं जानते होंगे।
IAS की नौकरी छोड़ वकालत करने लगे थे कोविंद
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद काफी सादगीपूर्ण जीवन जीते हैं। कानपुर यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई करने के बाद वह दिल्ली चले आए थे। यहां उन्होंने IAS परीक्षा की तैयारी शुरू की और तीसरे प्रयास में उन्हें कामयाबी भी मिल गई। लेकिन, उन्होंने सिविल सर्विस ज्वाइन नहीं की। बल्कि, वकालत शुरू कर दी। 1977 से लेकर 1979 तक रामनाथ कोविंद दिल्ली हाईकोर्ट में केन्द्र सरकार के वकील रहे। वहीं, 1980 से लेकर 1993 तक सुप्रीम कोर्ट में केन्द्र सरकार के स्थाई काउंसलर रहे। जानकारी के मुताबिक, कोविंद ने तकरीबन 16 सालों तक दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में काम किया। साल 1994 में रामनाथ कोविंद की राजनीति में एंट्री हुई थी। उत्तर प्रदेश वह राज्यसभा के लिए सांसद चुने गए। कोविंद लगातार दो बार सांसद बने। साल, 2015 में रामनाथ कोविंद बिहार के राज्यपाल बने थे। इसके बाद वह भारत के राष्ट्रपति बने।
बेहद सादगीपूर्ण जीवन है राष्ट्रपति का
बहुत कम लोगों को यह मालूम है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के निजी सचिव भी रह चुके हैं। इतना ही नहीं कोविंद बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रह चुके हैं। इसके अलावा वह ऑल इंडिया कोली समाज के अध्यक्ष पद पर भी रह चुके हैं। रामनाथ कोविंद के मित्र पीएन दीक्षित का कहना है कि वह काफी सादगीपूर्ण जीवन जीते थे। सासंद बनने के बाद भी वह किराए के मकान में रहने आए थे। जिला प्रशासन हमेशा उन्हे खटारा कार भेजती थी, उसपर भी वह काफी खुशी-खुशी चढ़ते थे। वहीं, कोविंद के एक करीबी रमाकांत शुक्ला का कहना है कि सांसद बनने के बाद भी रामनाथ कोविंद से कोई आसानी से मिल सकता था। वह बहुत आसानी से लोगों की समस्याओं को दूर करते थे। राष्ट्रपति को पढ़ने-लिखने का भी काफी शौक है। राष्ट्रपति के पूर्व PRO अशोक त्रिवेदी का कहना है कि वह काफी ईमानदार और सरल व्यक्तित्व के मालिक हैं। कहा जाता है कि उनकी याददाश्त काफी अच्छी है, जिससे वह एक बार मिल लेते हैं उसे कभी नहीं भूलते।
Published on:
01 Oct 2020 10:40 am
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