27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

10 दिसंबर को रखी जाएगी नई संसद की आधारशिला, PM मोदी करेंगे भूमि पूजन

नरेंद्र मोदी 10 दिसंबर को दिल्ली में नई संसद की आधारशिला रखेंगे PM मोदी नई संसद की नींव रखेंगे और भूमिपूजन कार्यक्रम में भाग लेंगे
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Mohit sharma

•

Updated: 5 Dec 2020, 5:14 PM IST

10 दिसंबर को रखी जाएगी नई संसद की आधारशिला, PM मोदी करेंगे भूमि पूजन

10 दिसंबर को रखी जाएगी नई संसद की आधारशिला, PM मोदी करेंगे भूमि पूजन

नई दिल्ली। देश को जल्द ही एक नई संसद मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) 10 दिसंबर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ( Delhi ) में नई संसद ( New Parliament ) की आधारशिला रखेंगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ( Lok Sabha Speaker Om Birla ) ने जानकारी देते हुए बताया कि पीएम मोदी ( PM Modi ) नई संसद की नींव रखेंगे और भूमिपूजन कार्यक्रम ( bhoomi poojan Program of New Parliament ) में भाग लेंगे। आपको बता दें कि इस कार्यक्रम को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज यानी शनिवार दोपहर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जिसके बाद उन्होंने आगे की जानकारी दी।

Farmer Protest: निर्णायक मोड़ पर पहुंचा किसानों का प्रदर्शन- 8 दिसंबर को 'भारत बंद' का आह्वान

861.90 करोड़ का बजट

गौरतलब है कि टाटा प्रोजेक्टस लिमिटेड को दिल्ली में देश की नई संसद के निर्माण का कॉन्ट्रेक्ट मिला है। इस प्रोजेक्ट के लिए 861.90 करोड़ का बजट पास किया गया है। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए कार्यदारी संस्था ने 21 महीने की डेडलाइन रखी है। जानकारी के अनुसार नई संसद पुराने संसद भवन के पास ही बनेगा। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार यह इमारत लगभग 65 हजार वर्ग मीटर में को फैली होगी। इसका करीब 16921 वर्ग मीटर का क्षेत्र अंडरग्राउंड होगा। ग्राउंड फ्लोर समेत तीन मंजिला इस इमारत में 1350 सांसदों के बैठने के लिए अच्छी खासी व्यवस्था होगी।

CM अरविंद केजरीवाल के इस करीबी नेता ने दिया इस्तीफा, फिर लगाया यह गंभीर आरोप

सांसदों के बैठने के लिए टू-सीटर बेंच

इमारत का डिजाइन त्रीकोणीय परिसर के आधार पर किया जाएगा, जिससे आकाश में तीन रंगों की किरणों प्रतिबिंबित होंगी। यहां सांसदों के बैठने के लिए टू-सीटर बेंचें होंगी।