
'ग्रीन दिवाली फुस्स' होने पर व्यापारियों का अनोखा विरोध, हरी सब्जियों में पटाखे रख किया प्रदर्शन
नई दिल्ली। आज दीपों का पर्व दिवाली है। पूरे देश में दिवाली हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है। इसी बीच ग्रीन दिवाली मनाने के इरादे पर पानी फिर गया। ग्रीन पटाखे बाजारों से गायब दिखे।ग्रीन पटाखों की जानकारी समय पर नहीं मिलने के कारण यह पटाखे बाजार में नहीं उपलब्ध हो सके। वहीं पटाखे बैन के खिलाफ प्रदर्शन भी देखने को मिला। सुप्रीम कोर्ट के पटाखे जलाने और बिक्री पर बैन लगाने को लेकर फैसले पर लोग नाराज नजर आ रहे हैं। दिल्ली में हरी सब्जियां लेकर प्रदर्शन किया गया। सदर बाजार वेलफेयर एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट के ग्रीन पटाखे फोटने के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया। हरी सब्जियों में पटाखे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। बता दें कि दिवाली से पहले पटाखों पर सुप्रीम कोर्ट ने पाबंदी लगा दी थी। कोर्ट ने फैसले के बाद कम प्रदूषण वाले पटाखे यानी ग्रीन पटाखों का जिक्र किया। जिसके बाद इस दीवाली पर लोग ग्रीन पटाखों पर जोर दे रहे हैं।
'हम नहीं जानते क्या हैं ग्रीन पटाखे'
हम लोग जानते नहीं है कि ग्रीन पटाखे हैं क्या। सदर बाजार वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एचएस छाबरा का कहना है कि हम ग्रीन पटाखों के बारे में कुछ नहीं जानते हैं। बाजार में ग्रीन पटाखे ही नहीं हैं। जब हम उनसे (एसएचओ) ग्रीन पटाखों के बारे में पूछते हैं तो हम तुम्हें पटाखों की सूची देंगे, लेकिन अगले दिन उन्होंने कहा कि सूची के लिए दो दिन का वक्त लगेगा। बाजार में ग्रीन पटाखा नहीं है। यह पहले ही 1 वर्ष पूर्व किया जाना चाहिए था।
सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए दिशा-निर्देश
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, दिल्ली एनसीआर में दिवाली वाले दिन सिर्फ ग्रीन पटाखे फोड़े जा सकते हैं, वह भी रात 8 से 10 बजे के बीच। ग्रीन पटाखे कौन-से हैं, यह किसी को नहीं पता इसलिए पुलिस से किसी दुकानदार को पटाखे बेचने का लाइसेंस नहीं मिला। पटाखे फोड़ने पर 6 महीने से 3 साल तक जेल या जुर्माना संभव है।
Published on:
07 Nov 2018 05:07 pm
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