
पाकिस्तान को मिली पुलवामा हमले की एक और सजा, 3 नदियों का पानी रोकेगा भारत
नई दिल्ली। पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने एक के बाद एक पाकिस्तान को कई बड़े झटके दिए हैं। पहले मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा वापस लिया, उसके बाद कस्टम ड्यूटी को बढ़ाकर 200 फीसदी कर दिया। इन सबके बीच भारत सरकार ने एक और ऐलान किया है। सिंधु जल समझौते के तहत जो पानी अबतक भारत की ओर से पाकिस्तान को दिया जाता था, अब उसे रोक दिया गया है। इस पानी को अब जम्मू कश्मीर और पंजाब के इलाकों में डायवर्ट किया जाएगा।
पाकिस्तान जाने वाली तीनों नदियों को रोकेगा भारत
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्विटर पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने पाकिस्तान की तरफ जाने वाले अपने हिस्से का पानी रोकने का निर्णय लिया है। हम पूरब की नदियों से पानी को मोड़ेंगे और इसकी आपूर्ति अपने जम्मू-कश्मीर तथा पंजाब के लोगों के लिए करेंगे।
अपनों को देंगे पाक जाने वाला पानी
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि रावी नदी पर शाहपुर-कांडी में बांध का निर्माण शुरू हो चुका है। इसके अलावा यूजेएच परियोजना में हम अपने हिस्से का पानी जमा करेंगे और उसका इस्तेमाल जम्मू कश्मीर के लिए करेंगे। बाकी पानी रावी की दूसरे रावी व्यास लिंक के जरिए देश के अन्य हिस्सों में पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन सभी परियोजनाओं को राष्ट्रीय परियोजनाएं घोषित किया गया है।
बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान: गडकरी
बता दें कि इससे पहले यूपी के बागपत में रैली में गडकरी ने कहा था कि हम पाकिस्तान को दी जाने वाली तीन नदियों का पानी रोक देंगे। भारत के इस कड़े कदम से पाकिस्तान बूंद-बूंद पानी के लिए तरस जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि अपनों को देने के बाद जो पानी बचेगा वह एक प्रोजेक्ट बनाकर पाकिस्तान की बजाय यमुना में छोड़ दिया जाएगा। सिंधु जल संधि के तहत रावी, ब्यास और सतुलज को पूर्वी और झेलम, चिनाब और सिंधु को पश्चिमी नदियों के तौर पर बांटा गया था।
यमुना में पानी आने से किसानों को मिलेगी राहत
बता दें कि व्यास, रावी और सतलज नदियों का पानी भारत से होकर पाकिस्तान पहुंचता है। लेकिन अब ये पानी पाकिस्तान न जाकर यमुना में लाया जाएगा। किसानों को होने वाली पानी की समस्या दूर होगी।
पुलवामा हमले के बाद भारत ने कर दिया था ऐलान
बता दें कि जम्मू कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था। इसकी जिम्मेदारी पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) ने ली थी। इस हमले में 40 से ज्यादा जवान शहीद हुए थे। इसके बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा था कि पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी, आतंकियों ने अपनी 'सबसे बड़ी गलती' की है और इस कृत्य के जिम्मेदार लोगों को इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी।
Updated on:
22 Feb 2019 08:18 am
Published on:
21 Feb 2019 07:27 pm
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