
नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर पहली बैठक बुधवार शाम को होने जा रही है। इस बैठक में मंदिर निर्माण की तारीख तय होने की भी उम्मीद जताई जा रही है। आज की बैठक में ट्रस्ट में दो नए सदस्यों संत नृत्यगोपाल दास और वीएचपी नेता चंपत राय को भी शामिल किया जा सकता है। महंत नृत्य गोपालदास मंदिर निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट में शामिल होने के दावेदार थे। लेकिन 5 फरवरी को ट्रस्ट की पहली सूची में उनका नाम शामिल नहीं किया गया था।
इसे लेकर संतों में असंतोष भी उभरा था। बैठक में मंदिर के नक्शे और धन की व्यवस्था और ट्रस्ट के सदस्यों की जिम्मेदारियों का बंटवारा भी किया जा सकता है।
ट्रस्ट की पहली प्राथमिकता ज्यादा से ज्यादा दान राशि जुटाने की होगी। ताकि अयोध्या में भव्य राममंदिर का निर्माण हो सके। यही वजह है कि बैठक में मंदिर निर्माण के लिए फंड जुटाने की योजना पर प्रमुखता के चर्चा होगी। सरकार की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि मंदिर निर्माण में शासकीय राशि नहीं लगाई जाएगी।
ट्रस्ट की पहली बैठक से पहले मंदिर के लिए 6 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि चंदे के रूप में जुटाई जा चुकी है। मंदिर निर्माण के लिए लगने वाले 70 फीसदी पत्थरों को तराशने का काम भी पूरा हो चुका है। फिर भी मंदिर निर्माण को राम भक्तों की आस्था से जोड़ने के लिहाज से आगे की धनराशि जुटाने रणनीति को भी उसी के अनुरूप अंतिम रूप दिया जाना है।
केंद्र ने घोषित किए हैं 9 सदस्य
ट्रस्ट की पहली बैठक दिल्ली में ग्रेटर कैलाश-1 स्थित ट्रस्ट के कार्यालय में होगी जो रामजन्म भूमि मामले की लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने वाले सीनियर एडव्होकेट के. परासरन का कार्यालय है। वह भी केंद्र द्वारा गठित की गई 15 सदस्यीय ट्रस्ट के अहम सदस्य हैं। सरकार ने परासरन समेत 9 सदस्यों के नाम घोषित किए हैं। इसके अतिरिक्त ट्रस्ट में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा नियुक्त एक-एक पदाधिकारी होंगे।
Updated on:
19 Feb 2020 01:39 pm
Published on:
19 Feb 2020 01:33 pm
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