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गौतम सिंघानिया ने पिता के सभी आरोपों को किया खारिज, कहा- मैं लड़ रहा हूं हक की लड़ाई

गौतम सिंघानिया के पिता विजयपत सिंघानिया ने कहा था कि उनके बेटे ने उन्हें एक-एक पैसे के लिए कर दिया है मोहताज

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raymond showroom, gautam singhaniya

मुंबई/नई दिल्ली: अपने पिता से रेमंड कंपनी के हक के लिए लड़ रहे कंपनी के मालिक गौतम सिंघानिया ने अपने पिता विजयपत को लेकर एक बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि रेमंड कंपनी के वहीं इकलौते लीगल तौर पर मालिक हैं और वो अपने हक के लिए लड़ रहे हैं। गौतम सिंघानिया का कहना है कि मैं सही हूं और जिस संपत्ति पर मेरा अधिकार है उसे मैं लेकर रहूंगा।
आपको बता दें कि गौतम सिंघानिया के पिता विजयपत सिंघानिया ने कहा था कि उन्होंने कंपनी के 1000 करोड़ से भी ज्यादा के शेयर में से 37 फीसदी हिस्सा अपने बेटे को देकर गलती कर दी है।

पिता ने लगाए थे ये आरोप

विजयपत सिंघानिया ने ये आरोप लगाया था कि इसके बाद से उनके बेटे ने उन्हें एक-एक पैसे के लिए मोहताज कर दिया है, मजबूरी में आकर उन्हें अपना घर तक छोड़ना पड़ गया था। वहीं विजयपत के इस बयान पर गौतम ने जवाब देते हुए कहा कि कंपनी के शेयर ट्रांसफर के लिए काफी लंबे समय पहले सहमति हो चुकी थी। सिंघानिया ने बताया कि क्योंकी वो रेमंड एंपायर के इकलौते बेटे थे तो इसके लिए उन्होंने काफी मेहनत भी की है और अगर कंपनी में किसी और को हिस्सेदारी दी जाती है तो उससे कंपनी के काम में रुकावटें आती।

JK हाउस को लेकर पिता-पुत्र के बीच है विवाद

गौतम सिंघानिया आगे कहते हैं कि मैंने 35 साल कंपनी को सफलतापूर्वक चलाया और दिन में 16 घंटे काम किया। उन्होंने कहा अगर वह यह हिस्सा किसी और को देते तो 35 हजार कर्मचारियों का क्या होता जो कंपनी में इतने सालों से काम कर रहे हैं।
आपको बता दें कि गौतम सिंघानिया और विजयपत सिंघानिया के बीच सारा विवाद JK हाउस को लेकर है, जो 1960 में बनी थी। उस समय ये इमारत 14 मंजिल की हुआ करती थी, बाद में बिल्डिंग के 4 ड्यूप्लेक्स रेमंड की सब्सिडरी पश्मीना होल्डिंग्स को दिए गए। कोर्ट में विजयपत के वकील ने बताया कि साल 2015 में विजयपत ने अपने सारे शेयर बेटे गौतम के हिस्से में दे दिए थे।

1925 में रखी गई थी कंपनी की नींव

रिपोर्टों के मुताबिक, इन शेयर्स की कीमत करीब 1000 करोड़ रुपए थी। वकील ने बताया कि हिस्सेदारी लेने के बाद अब गौतम सिंघानिया ने अपने पिता को बेसहारा छोड़ दिया है। उनसे गाड़ी व ड्राइवर भी छीन लिए गए हैं। दुनियाभर में सूटिंग और शर्टिंग के लिए मशहूर रेमंड की नींव 1925 में रखी गई थी। इसका पहला रिटेल शोरूम 1958 में मुंबई में खुला था। विजयपत ने कंपनी की कमान 1980 में संभाली थी।


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