नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। प्रवर्तन निदेशायल ने रॉबर्ट वाड्रा से जुड़ी कंपनी को फिर से नोटिस जारी किया है। ये नोटिस बीकानेर में जमीन सौदे में कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले की जांच को लेकर जारी किया गया है।
स्काईलाइट हॉस्पिटेलिटी एलएलपी को नया नोटिस जारी किया है। ईडी ने वाड्रा की कंपनी के आधिकारिक प्रतिनिधि को पूछताछ के लिए तलब किया है। पूछताछ जुलाई के दूसरे सप्ताह में होगी। कंपनी में वाड्रा और उनकी मां डायरेक्टर हैं। मई 2016 में शुरू हुई इस नई कंपनी का नाम भी पुरानी कंपनी पर ही रखा गया है जबकि दोनों के कामकाज और दायित्व में अतंर है। जानकारी के मुताबिक ताजा नोटिस अकाउंट स्टेटमेंट जमा कराने को लेकर जारी हुआ है। पिछले हफ्ते ईडी ने जो नोटिस जारी किया था वो स्काईलाइट हॉस्पिटेलिटी प्राइवेट लिमिटेड को जारी किया गया था। कंपनी से कुछ निश्चित वित्तीय विवरण व अन्य दस्तावेज जांच अधिकारी को देने को कहा गया था।
ईडी के मुताबिक वाड्रा की कंपनी की तरफ से उनकी वकील प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश हुए लेकिन ईडी ने उनकी उपस्थिति को खारिज कर दिया था। सूत्रों के मुताबिक कंपनी की ओर से पेश वकील के पास ना तो संबंधित कागजात थे और ना ही कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक पत्र उसे जारी किया गया था। इस वजह से ईडी के अधिकारियों ने उस वकील की पेशी को अस्वीकार कर दिया। प्रवर्तन निदेशालय ने कंपनी को नोटिस जारी कर उनके वित्तीय लेनदेन की जानकारी मांगी थी।
दरअसल ये पूरा मामला बीकानेर के कोलायत इलाके में 275 बीघा जमीन की खरीद से जुड़ा हुआ है। पिछले साल तहसीलदार की शिकायत के बाद राज्य पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। उसी आधार पर ईडी ने पिछले साल मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कराया था। पिछले महीने ईडी ने बीकानेर में सात जगहों पर छापेमारी की थी। जमीन घोटाले में वाड्रा के करीबी महेश नागर को ईडी ने नोटिस जारी किया है। यह नोटिस पीएमएलए के तहत जारी किया गया है। महेश नागर वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट के पावर ऑफ अटार्नी है। महेश नागर ने राजस्थान और हरियाणा में जमीन खरीदने में वाड्रा की मदद की थी। नागर का भाई 2008 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुका है।