
नई दिल्ली: ईस्टर्न एक्सप्रेस वे के उद्घाटन में देरी होने पर आज सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को जमकर फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने प्राधिकरण से पूछा कि किस वजह से अभी तक ईस्टर्न एक्सप्रेस वे को शुरू नहीं किया गया। इसकी शुरुआत के लिए पीएमओ की हरी झंडी का इंतजार क्यों हो रहा है। शीर्ष कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि प्रधानमंत्री अगर उद्घाटन नहीं करते हैं तो इसके लिए इंतजार करने की जरूरत नहीं है बल्कि 1 जून से आम लोगों के लिए इस एक्सप्रेस वे को खोल देना चाहिए। बता दें कि ईस्टन एक्सप्रेस वे बन के तैयार है लेकिन इसका पीएम मोदी के द्वारा शुभारंभ किया जाना है, जिसकी वहज के इसे अभी तक आम लोगों के लिए नहीं खोला गया है।
क्यों हो रहा है पीएम का इंतजार?
सुप्रीम कोर्ट ने एनएचएआई को निर्देश देते हुए कहा है कि इस महीने के अंत तक यानी 31 मई तक शुभारंभ नहीं भी होता तो 1 जून से जनता के लिए इसे खोला जाए। प्राधिकरण की ओर से कोर्ट में कहा गया कि उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री को सूचना दी गई थी। जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने कहा, 'हमें भरोसा दिलाया गया था कि अप्रैल में PM इसका उद्घाटन करेंगे, लेकिन मीडिया रिपोर्ट कहती है कि पीएम के पास अभी वक्त नहीं है। वह आज या कल में यहां उपलब्ध नहीं है। तो आप ही उद्घाटन क्यों नहीं कर देते हैं।
गडकरी ने दिया जवाब
वहीं केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि तकनीकी खराबी के चलते इस एक्सप्रेस वे को खोलने में देरी हुई है। गडकरी ने कहा कि एक्सप्रेस वे उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री ने दो बार पूछा था।
ईस्टर्न फेरिफेरल है देश का सबसे तेज एक्सप्रेस वे
गौरतलब है कि देश का सबसे तेज एक्सप्रेसवे ईस्टर्न पेरिफेरल का उद्घाटन 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी करने वाले थे। 135 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे शुरू होने से गाजियाबाद और नोएडा और पलवल जाने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी। एक्सप्रेसवे चालू होने से हरियाणा से यूपी या यूपी से हरियाणा जानेवाले वाहनों को दिल्ली से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। बता दें कि इस एक्सप्रेसवे को सबसे तेज एक्सप्रेसवे कहा जा रहा है। यहां वाहनों को 120 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने की अनुमति होगी।
Published on:
10 May 2018, 5:44 PM IST
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