
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आंतरिक सुरक्षा के मुद्दों पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। सूत्रों के अनुसार- बैठक में जम्मू-कश्मीर से जुड़े सुरक्षा मामलों के साथ ही देश भर में कानून और व्यवस्था के मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता गृह मंत्री अमित शाह ने की, जिसमें नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ विभिन्न राज्यों में हालिया हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बारे में भी विमर्श हुआ।
सीएए विरोध प्रदर्शनों में सैकड़ों सुरक्षाकर्मी घायल
संसद की ओर से 11 दिसंबर 2019 को कानून पारित किए जाने के बाद से सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए 2,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया और लगभग 5,000 को हिरासत में लिया गया। पूरे भारत में सीएए के विरोध प्रदर्शनों में सैकड़ों सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 में सत्ता संभालने के बाद से यह सबसे बड़ा देशव्यापी असंतोष देखने को मिल रहा है।
मुसलमानों को शामिल ना करने का विरोध
इस अधिनियम में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न का सामना करने वाले अल्पसंख्यक समुदायों हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान है। इसमें मुस्लिमों को शामिल नहीं करने का विरोध हो रहा है।
प्रदर्शनों में PFI की भूमिका पर चर्चा
सरकार ने हालांकि स्पष्ट किया है कि कानून का मुसलमानों सहित भारत के नागरिकों से कोई लेना-देना नहीं है। सूत्रों ने कहा कि इस बैठक में सीएए विरोध प्रदर्शन के पीछे पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की भूमिका के बारे में खुफिया जानकारी का उल्लेख भी किया गया है।
Updated on:
10 Jan 2020 01:25 pm
Published on:
10 Jan 2020 08:24 am
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