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कांग्रेस ने ‘कोवैक्सीन’ के अप्रूवल पर उठाए सवाल, स्वास्थ मंत्री हर्षवर्धन से मांगी सफाई

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने दो वैक्सीन सीरम इंस्टिट्यूट की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के भारत में इमर्जेंसी इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। लेकिन कांग्रेस कोवैक्सीन को मिली मंजूरी पर लगातार सवाल उठा रही है
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Vivhav Shukla

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Jan 03, 2021

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Covaxin

नई दिल्ली। फाइटोफार्मास्युटिकल और फेविपिराविर नामक दो कोरोना टीकों को भारतीय औषध महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने रविवार को आपातकालीन इस्तेमाल की इजाजत (DCGI Vaccine Approval) दे दी है. इस खबर के बाद से जहां एक तरफ कुछ लोग खुश हैं तो वहीं विपक्षी दल ने इस खबर को आड़े हाथों लिया है। दरअसल, कांग्रेस पार्टी के नेता आनंद शर्मा, शशि थरूर और जयराम रमेश देसी कोरोना टीके कोवैक्सीन (Covaxin) को लेकर सवाल कर रहे हैं।

DCGI का बड़ा फैसला : कोविशील्ड और कोवैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दी

यह नेता सवाल इसलिए कर रहे हैं क्योंकि अभी कोवैक्सीन (Covaxin) के तीसरे चरण का ट्रायल होना है। ऐसे में इस वैक्सिन को ट्रायल पूरा होने से पहले ही मंजूरी दिए जाने पर यह जवाब मांग रहे हैं. भारत बायोटेक ने कोवैक्सीन को ICMR के साथ मिलकर बनाया है. इन कंपनियों ने यह डाटा भी साफ तौर पर नहीं दिया है कि आखिर ये वैक्सिन कितने फीसद सुरक्षित है। हालांकि, अभी तक इतना ही साफ है कि यह ऑक्सफोर्ड के कोविशील्ड वैक्सिन जितनी यानी कि 70 फीसद ही प्रभावी है।

कोवैक्सीन पर उठ रहे सवाल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कोवैक्सीन को मंजूरी पर कहा कि किसी भी देश ने फेज 3 ट्रायल डाटा के बिना वैक्सीन को मंजूरी नहीं दी है। भारत बायोटेक का तीसरे चरण का परीक्षण अभी पूरा नहीं हुआ है। उसने टीके के असर को लेकर कोई अंतरिम डाटा भी जारी नहीं किया है।

वॉलंटियर्स की कमी कोरोना कोवैक्सीन के तीसरे ट्रायल के आड़े

वहीं, कांग्रेस नेता शशि थरूर ने ट्वीट किया, ‘कोवैक्सीन का अभी तक तीसरे चरण का परीक्षण नहीं हुआ है. मंजूरी समय से पहले मिली है और यह खतरनाक हो सकती है. डॉ. हर्षवर्धन को स्पष्ट करना चाहिए. ट्रायल पूरा होने तक इसके इस्तेमाल से बचा जाना चाहिए था. इस दौरान भारत एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के साथ अभियान शुरू कर सकता है।’

इसके अलावा कांग्रेसी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने ट्वीट किया, ‘भारत बायोटेक प्रथम श्रेणी का उद्यम है, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि तीसरे चरण के परीक्षणों से संबंधित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत प्रोटोकॉल कोवैक्सीन के लिए संशोधित किए जा रहे हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को इसे बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए।’