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सबका सिर झुकाने वाले सिकंदर ने इस फकीर को देख खुद झुकाया था अपना सिर

पूरी दुनिया को जीतने वाला सिकंदर इस फकीर के पैरों में पड़ गया था...

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सिकंदर एक ऐसा नाम जिनके बारे में हर कोई जानता है। यह बात तो सभी को पता है कि अकेला सिकंदर ही था जो पूरे विश्व को जीतने निकला था। यही नहीं एक समय वह भी आया था जब सिकंदर ने पूरे संसार जो जीत लिया था। आज हम आपको सिकंदर के बारे में कुछ अनकही बातें बताएंगे जिससे न सिर्फ आपको उन पर गर्व होगा बल्कि उनके लिए इज्जत भी बढ़ जाएगी। जैसे सिकंदर ने भारत के एक फकीर के बारे में सुन रखा था। वो इस फकीर से हमेशा मिलना चाहते थे। सिकंदर को पता था कि जिस मशहूर फकीर को वह ढूंढ रहा है उसमें इतनी ताकत है कि वह हर किसी से अपनी बाते मनवा सकता था।

ऐसा बताते हैं कि जीत के गुरुर में जब सिकंदर इस फकीर से मिलने पहुंचा तो कुछ ऐसा हुआ कि सिकंदर उस वाक्ये को जिंदगी भर नहीं भूल पाया। ऐसा कहते हैं कि सिकंदर को अपनी जीत पर काफी घमंड हो गया था। लेकिन जब सिकंदर उस फकीर के पास पहुंचा तो फकीर ने सिकंदर का घमंड दो मिनट तोड़ दिया था।

सिकंदर की मुलाकात जिस फकीर हुई थी उसका नाम डायोजिनीस था। ऐसा कहा जाता था कि ये फकीर हमेशा अपने आप में ही मस्त रहता था। हमेशा वो ध्यानमग्न ही रहता था। ये बात जब सिकंदर को पता चली तो उसने फकीर से मिलने की इच्छा जाहिर की थी। सिकंदर इस फकीर के पास पहुंचा तो फकीर ने उससे एक सवाल किया कि तुम क्या कर रहे हो और आगे क्या करना चाहते हो। सिकंदर इस बात का जवाब देते हुए कहा कि वो एशिया महाद्वीप जीतने जा रहा है। क्योंकि वो समस्त संसार को जीतने के लिए निकला है। इस पर फकीर ने सिकंदर से एक सवाल पूछा की तुम पूरे संसार को जीत कर क्या करोगे। इस बात को सुनकर सिकंदर ने कहा कि वो इसके बाद आराम करेगा। तब फकीर ने कहा कि इसके लिए संसार जीतने की क्या आवश्यकता है। आराम तो तुम ऐसे भी कर सकते हो। देखो मै तो दिनभर आराम करता हूं। इतना कहने के बाद फकीर हंसने लगा।

ऐसा कहते हैं कि फकीर की यह बात सुनकर गुस्से में सिकंदर बोला कि तुम मेरे बारे में जानते नहीं हो इसलिए इस टाइप की मूर्खों वाली बात कर रहे हो। सिकंदर ने कहा था कि एक महान इंसान हूं शायद तुम मेरे हाथों से मरना चाहते हो। इस पर फकीर ने कहा कि तुम एक महान इंसान हो ही नहीं सकते हो। तुम भी हम सबकी तरह एक साधारण से मनुष्य हो। अगर तुम महान हो तो मेरी एक बात का जवाब दे दो। ये बात सुनकर थोड़ा शांत होते हुए सिकंदर ने फकीर से सवाल पूंछने के लिए कहा।

फकीर कहा कि अगर तुम किसी ऐसे रेगिस्तान में फंस जाओ जहां पानी की एक बूंद भी ना हो और तुम प्यास से मरने वाले हो तब कोई तुम्हारे पास एक ग्लास पानी लेकर आए तो पानी के बदले में तुम क्या दोगे। ये सुनकर सिकंदर सोच में पड़ गया। इस बात पर सिकंदर ने कहा कि वो एक ग्लास पानी के बदले में अपना आधा राज पाठ दे देगा। इस पर फकीर ने कहा कि उसने फिर भी पानी ना दिया तो क्या करोगे तो वो बोला कि जान बचाने के लिए वो अपना सारा राजपाठ उसको दे देगा। तब फकीर ने कहा कि तुम्हारा राज पाठ एक गिलास पानी की कीमत का भी नही है फिर इसके लिए क्यों परेशान हो। इसके लिए तुमको घमंड क्यों है। यह बात सिकंदर का घमंड टूट गया और सिकंदर फकीर के पैरो में गिर गया और सिकंदर ने अपनी गुस्ताखी के लिए माफी भी मांगी।