
भारत-पाक सीमा पर एकत्र हुए सिख श्रद्धालु, दूरबीन से कर रहे गुरुद्वारे के दर्शन
पंजाब के गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक में सिख श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है। दरअसल यहां पर सिख श्रद्धालु पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन कर रहे हैं। यह पावन गुरुद्वारा पाकिस्तान के नारोवाल जिले में रावी नदी के पार स्थित है। यह भारत पाक सीमा से यह केवल 4.5 किलोमीटर ही दूर है। सीमा से ये दिखाई देता है। इसलिए बीएसएफ ने सीमा पर दर्शनस्थल बनाया है। श्रद्धालुओं के लिए दूरबीन की व्यवस्था की गई है। यहां दर्शन स्थल पर खड़े होकर लोग दूरबीन से करतारपुर साहिब के दर्शन कर रहे हैं। यहां से गुरुद्वारे का चमकीला सफेद गुंबद दिखाई देता है। जबकि गुरुद्वारे का निचला हिस्सा बड़ी-बड़ी एलीफेंट घास में छिपा हुआ है।
बता दें, पिछले दिनों इस बात की चर्चा थी कि पाकिस्तान सरकार करतारपुर बॉर्डर को खोलने जा रही है। इतना ही नहीं वह यहां पर श्रद्धालुओं को वीजा फ्री एंट्री देने की तैयारी भी कर रही है। दरअसल पिछले दिनों पाकिस्तान में इमरान खान के प्रधानमंत्री शपथ ग्रहण समारोह में पंजब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू गए थे। तब उन्होंने वहां करतारपुर साहिब के लिए बॉर्डर खोलने की गुजारिश की थी। इसके कुछ ही दिनों बाद पाकिस्तान सरकार ने सहमति जताई थी। हालांकि अभी तक इस दिशा में दोनों देशों की ओर से कोई औपचारिक पहल नहीं की गई है।
किंतु इसके बाद से गुरदासपुर में पड़ती भारत-पाकिस्तान सीमा पर हलचल बढ़ गई। गुरुद्वारा साहिब के दर्शन करने के लिए यहां लंबी लाइनें लगनी शुरू हो गईं।
सिख इतिहास के अनुसार- पहले गुरु नानक देव जी अपनी प्रसिद्ध चार यात्राएं पूरी करने के बाद 1522 में करतारपुर साहिब आए और फिर इसी जगह को अपना निवास बना लिया था। यहीं पर उन्होंने अपने जीवन के अंतिम 17 वर्ष बिताए थे। उनके ज्योति-ज्योत समाने के बाद यहां पर गुरुद्वारा बनाया गया।
Published on:
17 Sept 2018 07:28 pm
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