
लॉकडाउन को लेकर कांग्रेस नेताओं ने मोदी सरकार पर साधा निशाना।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( coronavirus ) को लेकर विगत 24 मार्च से देश में लॉकडाउन ( Lockdown 3.0 ) लागू है। लॉकडाउन का तीसरा फेज शुरू हो चुका है, जो 17 मई तक जारी रहेगा। वहीं, इस लॉकडाउन को लेकर सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेस ( Congress ) की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ( Sonia Gandhi ) ने मोदी सरकार ( Modi Government ) पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि 17 मई के बाद क्या प्लान है?
कब तक जारी रहेगा लॉकडाउन- सोनिया
कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात करते हुए सोनिया गांधी ने केन्द्र सरकार से पूछा कि आखिर लॉकडाउन का मापदंड क्या है और कितने लंबे समय तक यह जारी रहेगा? सोनिया गांधी ने कहा कि 17 मई के बाद का क्या प्लान है? उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार यह बताए कि यह लॉकडाउन कब तक चलेगा? सोनिया गांधी के इस सवाल का पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह जानने की जरूरत है कि लॉकडाउन के बाद क्या होगा? इस बैठक के दौरान सोनिया गांधी ने पंजाब और हरियाणा के किसानों का धन्यवाद करते हुए कहा कि किसानों ने तमाम दिक्कतों के बावजूद गेंहू की शानदार उपज पैदा करते हुए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की है।
राहुल और पी चिदंबरम भी बैठक में मौजूद
बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि कोविड-19 रणनीति का मुख्य बिंदु बुजुर्गों और मधुमेह और दिल की बीमारी से पीड़ित लोगों को बचाना है। वहीं, पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि वित्त के मामले में राज्यों की हालत बेहद खराब है, लेकिन केंद्र उन्हें कोई धनराशि आवंटित नहीं कर रहा है।
सुरजेवाला का मोदी सरकार पर हमला
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि जिस समय दुनिया भर की सरकारें लोगों को नगदी दे रही है, वहीं भारत सरकार अपनी जेब भरने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल के दाम निम्न स्तर पर है और मोदी सरकार 130 करोड़ वासियों को इसका फायदा देने की बजाय खुद का खजाना भर रही है। सुरजेवाला ने कहा कि 5 मई 2014 को डीजल पर 3.56 रुपए प्रति लीटर टेक्स था लेकिन आज मोदी सरकार ने इसे बढ़ाकर 31 रुपए कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि देशवासियों की जेब से पैसा लूटा जा रहा है।
राज्यों के आर्थिक पैकेज पर नहीं बोल रहे पीएम- नारायणसामी
वहीं, पुडुचेरी के सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री राज्यों के आर्थिक पैकेज पर एक शब्द नहीं कह रहे। वी नारायणसामी ने कहा भारत सरकार राज्यों से परामर्श किए बिना क्षेत्रों पर निर्णय ले रही है और इससे विषम स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने सवाल किया कि दिल्ली में बैठे लोग राज्यों को क्यों नहीं बता सकते हैं किसी भी राज्य या मुख्यमंत्री से परामर्श क्यों नहीं किया जाता है। वहीं, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्हें तत्काल सहायता प्रदान करने की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ एक ऐसा राज्य है जहां 80 फीसदी छोटे उद्योग फिर से शुरू हो गए हैं और लगभग 85,000 श्रमिकों ने काम शुरू कर दिया है।
Published on:
06 May 2020 03:00 pm
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