script कोविड के 'डेल्टा' वेरिएंट पर अन्य वैक्सीन की तुलना में स्पुतनिक-वी सबसे अधिक प्रभावी: RDIF | Sputnik-V more effective on 'delta' variant of Covid-19 compared to other vaccines: RDIF | Patrika News

कोविड के 'डेल्टा' वेरिएंट पर अन्य वैक्सीन की तुलना में स्पुतनिक-वी सबसे अधिक प्रभावी: RDIF

locationनई दिल्लीPublished: Jun 15, 2021 08:14:08 pm

Submitted by:

Anil Kumar

रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (RDIF) ने कहा कि रूसी स्पुतनिक-वी कोविड-19 के डेल्टा वेरिएंट पर अन्य किसी दूसरे वैक्सीन के मुकाबले अधिक प्रभावी है। डेल्टा वेरिएंट की पहचान भारत में हुई थी।

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Sputnik-V more effective on 'delta' variant of Covid-19 compared to other vaccines: RDIF

मॉस्को। कोरोना संक्रमण से पूरी दुनिया प्रभावित है और अब इसके नए-नए वेरिएंट सामने आने के बाद से हालात और भी खराब नजर आ रहे हैं। हालांकि, कोविड संक्रमण से निपटने के लिए दुनियाभर में तेजी के साथ टीकाकरण किया जा रहा है। लेकिन, कोरोना के नए-नए वेरिएंट पर वैक्सीन के प्रभाव को लेकर सवाल खड़े किए जाते रहे हैं। ऐसे में तमाम शोधकर्ता और वैक्सीन बनाने वाले डॉक्टर्स वैक्सीन को अधिक से अधिक प्रभावकारी बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

इस बीच रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (RDIF) ने मंगलवार को एक बड़ी बात कही है। RDIF ने कहा कि रूसी स्पुतनिक-वी कोविड-19 के डेल्टा वेरिएंट पर अन्य किसी दूसरे वैक्सीन के मुकाबले अधिक प्रभावी है। डेल्टा वेरिएंट की पहचान भारत में हुई थी।

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आधिकारिक अकाउंट से ट्वीट करते हुए स्पुतनिक ने कहा 'स्पुतनिक-वी की प्रभावकारिता डेल्टा वेरिएंट पर किसी भी अन्य वैक्सीन की तुलना में बेहतर है।' स्पुतनिक-वी ने ट्वीट करते हुए लिखा "स्पुतनिक-वी कोरोनवायरस के डेल्टा संस्करण के खिलाफ अन्य टीके की तुलना में अधिक कुशल है, जो कि पहली बार भारत में पता चला था।'

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने डेल्टा वेरिएंट के खतरे पर चिंता जाहिर करते हुए चौथे संस्करण (वीओसी) के रूप में सूचीबद्ध किया है। माना जाता है कि भारत में कोरोना की दूसरी लहर में डेल्टा वेरिएंट ने ही काफी तबाही मचाई है।

ब्रिटेन में 19 जुलाई तक बढ़ा लॉकडाउन

इस बीच ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन 19 जुलाई तक बढ़ा दिया है, जो कि 21 जून को हटाए जाने वाले थे। जॉनसन ने 10 डाउनिंग स्ट्रीट में संवाददाताओं से कहा "हम डेल्टा संस्करण से बहुत चिंतित हैं जो अब तीसरी लहर की तुलना में तेजी से फैल रहा है जिसकी भविष्यवाणी फरवरी में की गई थी। हम प्रति सप्ताह लगभग 64 प्रतिशत बढ़ रहे हैं और सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में यह हर हफ्ते दोगुना हो रहा है। अस्पताल में भर्ती होने वाले लोगों की औसत संख्या में सप्ताह-दर-सप्ताह 50 प्रतिशत और उत्तर-पश्चिम में 61 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।"

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एक अध्ययन से पता चला है कि डेल्टा वेरिएंट जिसे पहली बार भारत में पाया गया था, "अधिक संक्रामक" है और यह COVID-19 महामारी की दूसरी लहर के पीछे का कारण भी है। भारतीय SARS-CoV-2 जीनोमिक कंसोर्टिया (INSACOG) और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए अध्ययन में कहा गया है कि डेल्टा वेरिएंट या बी.1.617.2 स्ट्रेन अल्फा वेरिएंट की तुलना में "अधिक संक्रामक" है, जिसे पहली बार केंट, यूके में पाया गया था।

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