
नई दिल्ली। मोदी सरकार लगातार देश की जानमानी हस्तियों को किसी न किसी तरीके से समाज हित के कामों में शामिल करती रही है। फिर चाहे वो स्वच्छता अभियान हो या फिर सीमा पर खड़े जवानों के प्रति सेवा का भाव। एक बार फिर मोदी सरकार ने बड़ी पहल करते हुए अभिनेता सुनील शेट्टी को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
बॉलीवुड के स्टार सुनील शेट्टी को राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है और इस संस्था को उम्मीद है कि उनकी लोकप्रियता से देश में खेलों को डोपिंग के कलंक से निजात दिलाने में मदद मिलेगी।
इस वर्ष 150 डोपिंग केस
आपको बता दें कि देशभर में वर्ष 2019 में करीब 150 से ज्यादा खिलाड़ी डोप परीक्षण में नाकाम रहे। इनमें हालांकि एक तिहाई से भी ज्यादा बॉडी बिल्डर हैं। टोक्यो ओलंपिक खेलों से पहले इस तरह के आंकड़े काफी निराशाजनक है। क्योंकि इन खेलों में अब महज 8 महीने से भी कम वक्त बचा है।
वाडा ने नाडा को किया निलंबित
विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) ने इस साल के शुरू में नाडा प्रयोगशाला को निलंबित कर दिया था और अब नाडा जो भी नमूने एकत्रित करता है उनका भारत से बाहर परीक्षण किया जाएगा।
नाडा के महानिदेशक नवीन अग्रवाल के मुताबिक सुनील शेट्टी की ख्याति और लोकप्रियता नौजवानों के साथ-साथ खिलाड़ियों में भी है। उनकी फिटनेस से कई खिलाड़ी प्रभावित हैं। ऐसे में उनको नाडा का ब्रांड एम्बेसेडर बनाया जाना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।
उन्होंने कहा, 'हमारा मानना है कि सुनील शेट्टी जैसा मशहूर अभिनेता डोपिंग के खिलाफ संदेश देने में सफल रहेगा कि डोपिंग खुद के और देश के लिये सही नहीं है। हमें लगता है कि किसी अभिनेता की देश के लोगों में ज्यादा पहुंच होती है।'
Published on:
10 Dec 2019 12:18 pm
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