
cji deepak mishra
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में जारी गतिरोध के बीच बुधवार को एक बार फिर सीजेआई दीपक मिश्रा ने चार विरोधी न्यायाधीशों के साथ बैठक की। बैठक में विरोधी गुट के प्रमुख जे चेलमेश्वर, न्यायाधीश रंजन गोगोई, मदन लोकुर और कुरियन जोसेफ भी शामिल हुए। बैठक दोपहर बाद सुप्रीम कोर्ट परिसर में हुई। बताया जा रहा है कि बैठक करीब एक घंटे से अधिक समय तक चली।
नहीं मिले समाधान के ठोस संकेत
दो सप्ताह पहले दोनों गुटों के बीच शुरू हुई गतिरोध के बावजूद बुधवार की बैठक काफी लंबी चली। यह बैठक सीजेआई के पहल पर हुई थी। इस सप्ताह में दोनों गुटों के बीच यह पहली बैठक थी। हालांकि इस मीटिंग में भी विवादों के समाधान को लेकर ठोस प्रगति के संकेत नहीं मिले हैं। इस बैठक में भी नए प्रस्ताव को लेकर कोई बातचीत नहीं है। लेकिन गतिरोध को खत्म करने की दिशा में इसे एक बेहतर प्रयास माना जा रहा है।
सीजेआई के खिलाफ महाभियोग के संकेत
मंगलवार को माकपा महासचिव सीताराम येचुरी और एनसीपी नेता तारिक अनवर ने कहा था कि विपक्षी दलों ने सीजेआई के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने पर विचार कर रहा है। इसके पीछे उनका तर्क था कि विरोधी गुट के न्यायाधीशों द्वारा जो मसले उठाए गए हैं वो गंभीर नेचर के हैं और उससे समझौता नहीं किया जा सकता। आपको बता दूं कि इस प्रस्ताव को सदन में पेश करने के लिए राज्यसभा में कम से कम 50 सांसदों या लोकसभा में 100 सांसदों के हस्ताक्षर की आवश्यकता होती है। अगर महाभियोग प्रस्ताव आता है तो यह भारत के मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ पहला मामला होगा।
12 जनवरी से जारी है गतिरोध
12 जनवरी को चार जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुप्रीम कोर्ट में अनियमितता का आरोप लगाने के बाद से सियासी गलियारों में भी हलचल काफी तेज हो गई। बीजेपी और सरकार खुलकर कोई राय रखने से बचती रही और इसे न्यायपालिका का आंतरिक मसला बताया। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उसी दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सधे हुए शब्दों में इस मुद्दे पर अपनी राय रखी। कांग्रेस अध्यक्ष ने जस्टिस लोया की संदिग्ध मौत की निष्पक्ष जांच की भी मांग की। जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने 4 जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सामने आए विवाद को सुलझाने की पहल की है। बार असोसिएशन ने इमरजेंसी मीटिंग के बाद चीफ जस्टिस के सामने 2 मांगें रखी हैं और उन पर जल्द फैसला लेने को कहा । तब से लेकर अब तक दोनों गुटों की जजों की कई बार मुलाकात हो चुकी है लेकिन समस्या के समाधान के स्थायी संकेत अभी तक नहीं मिले हैं।
Published on:
25 Jan 2018 01:45 pm
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