
supreme court
नई दिल्ली . देश के सभी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर दायर एक याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। याचिका कई महिला वकीलों से संयुक्त रूप से दाखिल की गई है। याचिका में कहा गया है कि स्कूलों में सुरक्षा को लेकर गाइडलाइंस तो बनाई है, लेकिन इन नियमों का कोई पालन नहीं कर रहा है। गुरुवार को गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुई 7 साल के बच्चे की हत्या को लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएइर्स) ने सभी संबंधित स्कूलों के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। सीबीएसई ने प्रद्युमन हत्या मामले में सामने आई स्कूल प्रशासन की लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए स्कूलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि स्कूल कैंपस के अंदर बच्चे की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की होगी।
शिक्षक-गैर शिक्षक कर्मचारियों का होगा टेस्ट
बुधवार को सीबीएसई के डिप्टी सेक्रेटरी एफिलिएशन जयप्रकाश चतुर्वेदी ने सुप्रीम कोर्ट के एक सवाल का जवाब देते हुए संबंधित स्कूलों को ये निर्देश दिए हैं। सीबीएसई ने एक सर्कुलेशन जारी कर सभी संबंधित स्कूलों को अपने कर्मचारियों का मनोचिकित्सा टेस्ट कराने को कहा है। बोर्ड ने इस टेस्ट के लिए सिर्फ 2 महीने का समय दिया है। बोर्ड के निर्देश के बाद स्कूल के टीचरों के अलावा, गैर-शिक्षण कर्मचारी, सफाई कर्मचारी, बस ड्राइवर और कंडक्टरों का भी साइकोमेट्रिक टेस्ट कराने को कहा है।
पुलिस वेरिफिकेशन भी कराएं स्कूल
इसके अलावा शिक्षकों के अलावा स्कूल के सभी कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन कराने को भी कहा है। पुलिस वेरिफिकेशन और साइकमेट्रिक टेस्ट के संबंध ने बोर्ड ने सभी स्कूलों से 2 महीने में पूरी रिपोर्ट ऑनलाइन सबमिट करने के लिए कहा है। वहीं जो स्कूल बोर्ड के इन निर्देशों का पालन नहीं करेंगे उनकी मान्यता को रद्द कर दिया जाएगा।
कोने-कोने में लगाए जाएं सीसीटीवी
इसके अलावा सर्कुलेशन में सभी स्कूलों को अपने कैंपस में कोने-कोने पर सीसीटीवी कैमरा लगाने का ऑर्डर भी दिया है। साथ ही स्कूल ये भी सुनिश्चित करें कि हर कैमरा काम कर रहा है या नहीं। स्कूल प्रिंसिपल को लिखे पत्र में सीबीएसई ने कहा है कि बच्चे स्कूल में सबसे ज्यादा समय व्यतीत करते हैं। इसलिए बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिताएं प्रतिदिन बढ़ रही हैं।
Published on:
15 Sept 2017 12:30 pm
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