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दिल्ली में प्रदूषण: सरकार को SC की फटकार, कहा- किसी को चिंता नहीं तो फिर कोर्ट इसकी फिक्र क्यों करे

केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को कम करने के लिए किसी तरह का कोई ठोस कदम नहीं उठाने के चलते नाराज होकर कोर्ट ने फटकार लगाई।
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नई दिल्ली

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Anil Kumar

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Updated: 1 Nov 2018, 3:37 PM IST

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर SC ने सरकार को लगाई फटकार

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर SC ने सरकार को लगाई फटकार, कहा- किसी को चिंता नहीं तो फिर कोर्ट इसकी फिक्र क्यों करे

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण जहां आम नागरिक काफी परेशान है वहीं सरकारी तंत्र कुछ भी उपाय करने में नाकाम साबित हो रहे हैं। गैस चैंबर बन चुके राजधानी में प्रदूषण से बचाव के लिए देश की सर्वोच्च अदालत काफी चिंतित है और इसी क्रम में गुरुवार को सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को फटकार लगाई। इसके अलावे सरकार की ओर से किसी तरह का कोई ठोस कदम नहीं उठाने के चलते नाराज होकर कोर्ट ने कहा कि यदि किसी को इस बात की चिंता नहीं है तो फि अदालत ही इसकी फिक्र क्यों करे।

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शुक्रवार को फिर से करेगी सुनवाई

आपको बता दें कि गुरुवार को अदालत ने सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में अवैध निर्माण पर सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत न करने पर कड़ी फटकार लगाई। दरअसल सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार की ओर से पेश हुए वकील से दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में अवैध निर्माण पर सर्वे रिपोर्ट तलब की। इस बाबत 20 मिनट तक अदालत रिपोर्ट आने का इंतजार करता रहा और इस बीच सुनवाई रुकी रही। काफी देर होने के बाद भी रिपोर्ट नहीं आई तो अदालत ने नाराज होकर कहा कि यदि किसी को भी इस बात की चिंता नहीं है तो फिर अदालत ही इसकी फिक्र क्यों करे। बता दें कि अदालत अब इस मामले को लेकर शुक्रवार को संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगेगी और इस संबंध में की गई कार्रवाई के बारे में पूछेगा।

अबतक 18 शिकायत हो चुके हैं दर्ज

आपको बता दें कि केंद्रीय प्रदूषण नियामक बोर्ड (सीपीसीबी) ने कोर्ट को बताया कि प्रदूषण के बारे में आम नागरिक सोशल मीडिया फेसबुक और ट्वीटर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं इसके लिए प्रबंध किया गया है। अबतक 18 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इसपर कोर्ट ने कहा कि सीपीसीबी सोशल मीडिया साइट पर इसे आम नागरिकों के बीच रखें। दूसरी तरफ दिल्ली सरकार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 10 वर्ष पुराने डीजल और 15 वर्ष पुराने पेट्रोल गाड़ियों के पंजीकरण को रद्द कर दिया गया है।

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केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने बुलाई थी बैठक

आपको बता दें कि राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के बढते स्तर को लेकर चिंतित केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने एक अहम बैठक बुलाई थी। इस बैठक में दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के पर्यावरण मंत्रियों को भी शामिल होना था, लेकिन इस बैठक में हरियाणा और पंजाब के मंत्री नहीं पहुंचे, जबकि केवल दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ही पहुंचे। इस बात को लेकर डॉ. हर्षवर्धन काफी नाराज हो गए।