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फिल्म पद्मावत को SC से मिली हरी झंडी, करणी सेना बोली- किसी भी हाल में फिल्म नहीं होगी रिलीज

कोर्ट ने ये भी कहा है कि इन चार राज्यों में फिल्म की रिलीजिंग के बाद किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन से निपटने के लिए राज्य सरकार ही जिम्मेदारी होगी

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Padmavati Releasing Supreme court

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नई दिल्ली: 'पद्मावती' से 'पद्मावत' हुई फिल्म को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। फिल्म प्रोड्यसरों को राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने चार राज्यों में फिल्म की रिलीजिंग पर लगी रोक को हटा दिया है। राजपूतों और करणी सेना के विरोध के बावजूद अब फिल्म की रिलीजिंग का रास्ता लगभग साफ हो गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने आर्टिकल 21 का दिया हवााल

सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म निर्माताओं की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए ये अहम फैसला सुनाया है। सर्वोच्च न्यायालय ने संविधान में दिए आर्टिकल 21 का हावाला देते हुए चार राज्यों में फिल्म पर लगे बैन को हटा दिया है। इसके अलावा कोर्ट ने ये भी कहा है कि इन चार राज्यों में फिल्म की रिलीजिंग के बाद किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन से निपटने के लिए राज्य सरकार ही जिम्मेदार है और साथ ही राज्य सरकार की ही फिल्म दर्शकों की सुरक्षा की भी जिम्मेदारी होगी। आपको बता दें कि हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात में फिल्म की रिलीजिंग को बैन कर दिया गया था। इन सभी राज्यों में बीजेपी की सरकार है।

करणी सेना ने कहा- हम फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं होने देंगे

वहीं सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर करणी सेना का रिएक्शन भी आ गया है। करणी सेना के चीफ लोकेंद्र सिंह कलवी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट फिल्म पर लगे बैन को हटा सकती है लेकिन सिनेमा हॉल मालिक हमसे पूछकर ही फिल्म चलाएंगे। कलवी ने दावा किया कि उनके पास राजस्थान के सिनेमा हॉल मालिकों का लिखित पत्र है जिसमें उन्होंने भरोसा दिलाया था कि कऱणी सेना की अनुमति से ही फिल्म पद्मावत चलाई जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के बैन के बाद भी कलवी सेना का कहना है कि हर हाल में इस फिल्म की स्क्रीनिंग को रोका जाएगा।

वहीं दूसरी तरफ राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद एक आपात बैठक बुलाई है। मीटिंग के दौरान पद्मावत पर सरकार के अगले कदम पर विचार किया गया। राजस्थान पहला राज्य है जिसने फिल्म के खिलाफ नोटिफिकेशन जारी किया था। सूत्रों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राजस्थान सरकार ने कहा है कि हमारे पास भी कुछ संवैधानिक अधिकार हैं।

CJI दीपक मिश्रा की अगुवाई में हुई मामले की सुनवाई

आपको बता दें कि फिल्म पद्मावत के निर्माताओं ने चारों राज्यों में फिल्म पर लगाई रोक को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी, जिस पर सुनवाई के लिए कोर्ट तैयार हो गया था। इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली एक बेंच ने की है।

भंसाली ने श्री श्री रविशंकर को दिखाई थी फिल्म

इससे पहले फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली ने बेंगलुरू में फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी थी, जिसमें फिल्म को देखने के लिए भंसाली ने अध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर को बुलाया था। फिल्म को देखने के बाद श्री श्री रविशंकर ने भी फिल्म को सही बताते हुआ कहा है कि ये फिल्म बहुत ही अद्भुत है। इस फिल्म पूरे राजपूत समाज की आन-बान को दिखाया गया है। आपको बता दें कि फिल्म की स्क्रीनिंग 15 जनवरी को श्रीश्री रविशंकर के बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर में रखी गई थी। फिल्म देखने के बाद रविशंकर ने कहा कि इस फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं है, जिसका विरोध किया जाए। श्री श्री ने तो यह भी कहा कि यह फिल्म रानी पद्मावती को सच्ची श्रद्धांजलि है, इस फिल्म पर हमें गर्व है और इसे रिलीज किया जाना चाहिए।