
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस ( Coronavirus in india ) की दूसरी लहर जानलेवा बनी हुई है। हर रोज हजारों की संख्या में लोग इस खतरनाक वायरस की भेंट चढ़ रहे हैं। इस बीच सुप्रीम कार्ट ( Supreme Court ) ने इसको राष्ट्रीय संकट ( National crisis ) बताया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस भयानक स्थिति में वह मूकदर्शक नहीं बना रह सकता। यही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि कोरोना वायरस मैनेजमेंट ( Coronavirus Management ) के लिए नेशनल पॉलिसी ( National policy ) तैयार करने पर उसके स्वत: संज्ञान लेने का मतलब उच्च न्यायालय के मुकदमों को दबाना नहीं है।
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एस रविंद्र भट और जस्टिस नागेश्वर राव की पीठ ने देश में कोरोना के वर्तमान हालातों पर चिंता जताते हुए कहा कि कुछ राष्ट्रीय मुद्दों में सर्वोच्च अदालत के हस्तक्षेप की जरूरत पड़ती है। क्योंकि राज्यों के बीच समन्वय की वजह से भी कुछ मामलों का निस्तारण किया जा सकता है। हालांकि पीठ ने यह भी कहा कि हाई कोर्ट क्षेत्रीय सीमाओं के भीतर कोरोना महामारी के हालातों पर नजर रखने के लिए बेहतर स्थिति में हैं। पीठ ने कहा कि अगर हाई कोर्ट को क्षेत्रीय सीमाओं की वजह से केसों की सुनवाई में किसी तरह की बाधा होती है तो हम सहायता करने को तैयार हैं।
आपको बता दें कि देश में कोरोना महामारी के मौजूदा हालातों के बीच पिछले दिनों शीर्ष अदालत ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया था। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह ऑक्सीन की सप्लाई और कोरोना पेशेंट्स के इलाज समेत अन्य मुद्दों पर एक राष्ट्रीय योजना चाहता है। भारत में लगातार छठे दिन 3 लाख से अधिक कोविड मामले सामने आये हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटों में कुल 3,23,144 कोविड मामले और 2,771 मौतें हुई है।
अब तक के कुल मामले 1,76,36,307 और रिकवरी 1,45,56,209 हैं, जबकि मृत्यु का आंकड़ा 1,97,894 हो गया है।देश भर में कुल टीकाकरण सोमवार तक 14.5 करोड़ से अधिक हो गया है। इसके अलावा, देश में सोमवार को एक ही दिन में 31 लाख से अधिक वैक्सीन की खुराक दी गई है। इसके साथ ही देश में अब तक कोविड-19 वैक्सीन की कुल 14,50,85,911 खुराकें प्रशासित कर दी गई हैं।
Updated on:
27 Apr 2021, 4:13 PM IST
Published on:
27 Apr 2021, 4:01 PM IST
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