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सबरीमला मंदिरः सुप्रीम कोर्ट पहले करेगा समीक्षा याचिकाओं की सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह सबरीमला मंदिर में 10 से 50 साल के बीच की उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई समीक्षा याचिकाओं को निपटाने के बाद ही करेगा।
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नई दिल्ली

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Amit Kumar Bajpai

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Updated: 13 Nov 2018, 4:00 PM IST

sabrimala

आज सबरीमला मंदिर के खुलेंगे कपाट, हिंदू संगठनों ने दी महिलाओं को मंदिर दूर रहने की हिदायत

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह सबरीमला मंदिर में 10 से 50 साल के बीच की उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई समीक्षा याचिकाओं को निपटाने के बाद ही करेगा। सर्वोच्च अदालत ने बीते 28 सितंबर को भगवान अय्यप्पा मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर सभी प्रतिबंधों को रद्द कर दिया था, जिसके बाद ये समीक्षा याचिकाएं दाखिल हुई थीं।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति रोहिंटन फली नरीमन, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर, न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा की पांच न्यायाधीशों वाली पीठ के समक्ष यह समीक्षा याचिका विचार के लिए सूचीबद्ध हैं।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति केएम जोसेफ की पीठ ने कहा कि केरल स्थित सबरीमला मंदिर में 10 से 50 साल उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की मांग करने वाली चार याचिकाओं पर सुनवाई संविधान पीठ के पिछले फैसले के खिलाफ दाखिल समीक्षा याचिका पर निर्णय के बाद ही होगी।

गोगोई ने कहा कि अगर वे समीक्षा याचिकाओं को खारिज करने का निर्णय लेते हैं तो वह दाखिल चार नई याचिकाओं को अलग से सूचीबद्ध करने पर विचार करेंगे। हालांकि अगर वे समीक्षा याचिकाओं को बरकरार रखने का निर्णय लेते हैं तो चारों रिट याचिकाओं को उनके साथ ही संलग्न कर दिया जाएगा।

फैसले में क्‍या कहा था शीर्ष अदालत ने

सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने 28 सितंबर को चार एक के बहुमत से अपने फैसले में कहा था कि सबरीमाला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दी जानी चाहिए। पीठ ने कहा था कि महिलाओं के प्रवेश पर इस तरह का प्रतिबंध लैंगिक भेदभाव है।

इस फैसले के बाद केरल के बहुचर्चित सबरीमाला मंदिर के द्वार सभी उम्र की महिलाओं के लिए तो खुल गए लेकिर केरल में सियासी घमासान मचा हुआ है। कई संगठन और राजनीतिक दल मंदिर में महिलाओं की एंट्री के विरोध में हैं। अभी तक महिलाएं पुलिस सुरक्षा मिलने के बावजूद मंदिर तक नहीं पहुंच पाई हैं।