
भाजपा नेता येदियुरप्पा ने सबरीमला संरक्षण रथयात्रा को हरी झंडी दिखाई, विवाद के लिए केरल सरकार जिम्मेदार
नई दिल्ली। कर्नाटक भाजपा के प्रमुख बीएस येदियुरप्पा ने आज शिमोगा के मत्तूर से सबरीमला संरक्षण यात्रा को हरी झंडी दिखाई। यह यात्रा 30 नवंबर को सबरीमला पहुंचेगी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को हमेशा से प्रमुखता दी गई है। महिलाओं को सम्मान देना हमारी परंपरा में शामिल है। केरल सरकार की ओर से उदासीन रवैया अपनाने की वजह से पथनमिट्टा (सबरीमला) मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का विवाद गहरा गया है। केरल सरकार इस मुद्दे को सुलझाने में पूरी तरह से विफल रही है। भगवान अयप्पा के भक्तों की उपेक्षा और आस्था से खिलबाड़ ही अब सीएम पी विजयन के लिए सबसे बड़ी चिंता है। विजयन इस मसले पर भूलकर बुरी तरह से फंस गए हैं।
महिलाओं का सम्मान सर्वोपरि
बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि केरल में सबरीमला मंदिर में दस से पचास वर्ष की महिलाओं के प्रवेश पर जारी विरोध अब पूरी तरह से सियासी रंग ले चुका है। सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश दिए जाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी महिलाओं द्वारा ही प्रवेश पर विरोध को राजनीतिक पार्टियों का समर्थन मिल रहा है। भाजपा ने गुरुवार से कर्नाटक से सबरीमला मंदिर संरक्षण रथ यात्रा की शुरुआत कर्नाटक के मत्तूर से कर दी है। कर्नाटक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा इस रथयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। येदियुरप्पा ने बताया कि मत्तूर से आज शुरू होने वाली यात्रा 30 नवंबर को सबरीमला पहुंचेगी। येदियुरप्पा ने महिलाओं के मंदिर प्रवेश पर कहा कि हमारी संस्कृति में औरतों का सम्मान सर्वोपरि है। इस गंभीर स्थिति के लिए केरल सरकार जिम्मेदार है जो सुप्रीम कोर्ट के सामने इस मामले को ठीक से नहीं रख पाई।
पुनर्विचार याचिका दायर करे केरल सरकार
भाजपा के कद्दावर नेता बीएस येदियुरप्पा ने एक ट्वीट कर केरल सरकार पर सबरीमला मंदिर मुद्दो को सुलझाने में पूरी तरह से नाकाम रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अब जरूरी है कि केरल सरकार महिलाओं के प्रवेश मामले पर कोई कदम उठाए और सुप्रीम कोर्ट में फिर अपील करे। ताकि महिलाओं के प्रवेश पर कोर्ट अपना फैसला पलटते हुए रोक लगा दे और पहले की स्थिति बहाल कर दे। उन्होंने ये भी कहा कि हमारी पार्टी कोर्ट के फैसले का विरोध नहीं करती लेकिन लोगों की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए।
Updated on:
8 Nov 2018, 2:44 PM IST
Published on:
8 Nov 2018, 2:44 PM IST
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