गंगा के लिए आमरण अनशन पर बैठे स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद का निधन, 111 दिनों से थे उपवास पर

गंगा के लिए आमरण अनशन पर बैठे स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद का निधन, 111 दिनों से थे उपवास पर

Kaushlendra Pathak | Publish: Oct, 11 2018 04:04:01 PM (IST) | Updated: Oct, 11 2018 04:33:40 PM (IST) इंडिया की अन्‍य खबरें

गंगा के लिए अनशन पर बैठे संत स्वरूप सानंद का निधन हो गया।

नई दिल्ली। स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद का गुरुवार को निधन हो गया। उन्होंने ऋषिकेश के एम्स में अंतिम सांस ली। वो 111 दिनों से अनशन पर बैठे थे। बुधवार को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था।

जून से थे अनशन पर

स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद 22 जून से गंगा के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर अनशनरत थे। इतना ही नहीं उन्होंने मंगलवार को पानी का भी त्याग कर दिया था। इससे पहले हरिद्वार सांसद निशंक दो बार मातृ सदन स्वामी सानंद को मनाने पहुंचे थे मगर दोनों के बीच वार्ता सफल नहीं हो पाई। बुधवार को भी पुलिस और प्रशासनिक टीम के पहुंचने पर स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद का कहना है कि प्रशासन को उन्हें अनशन से उठाने का कोई अधिकार नहीं है। प्रशासन अपने अधिकारों से बाहर जाकर कार्य कर रहा है। उनका कहना था कि वह मानसिक रूप से स्वस्थ हैं और अपना इलाज नहीं कराना चाहते हैं। उपवास करना उनका अधिकार है प्रशासन द्वारा उनको जबरन उठाया जा रहा है।


वहीं, पुलिस और प्रशासनिक टीम का नेतृत्व कर रहे एसडीएम मनीष कुमार का कहना था कि स्वामी सानंद ने मंगलवार से जल का त्याग कर दिया था। चिकित्सकों द्वारा गंभीर स्वास्थ्य की वजह से उन्हें एम्स रेफर किया गया, ताकि स्वामी जी के प्राण की रक्षा हो सके। इसमें प्रशासन की पहली प्राथमिकता स्वामी जी के स्वास्थ्य का सही होना हैं स्वामी जी ने इलाज के लिए अपनी सहमति नही दी। उन्होंने थोड़ा प्रतिरोध किया है मगर प्राण रक्षा के लिए प्रशासनिक टीम द्वारा यह कदम उठाया गया। हालांकि, इस प्रयास के बाद स्वामी जी को नहीं बचाया जा सका। उनकी मौत की खबर सुनते ही उनके चाहने वाले शोक में डूब गए हैं। बता दें कि स्वामी जी जस्टिस मालवीय समिति द्वारा बनाए गए एक्ट को संसद में पारित कराए जाने की मांग को लेकर अनशन पर थे। नौ अक्टबूर को स्वामी जी ने यह भी कहा था कि अगर सोमवार शाम तक प्रधानमंत्री उनसे नहीं मिलने आए तो वो जल तक त्याग कर देंगे। इसलिए, उन्होंने मंगलवार को जल का त्याग कर दिया।

वहीं, सानंद जी के निधन पर दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने दुख प्रकट किया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, ' गंगा मैया को प्रदूषण से बचाने के लिए पूरी जिंदगी संघर्ष करने वाले प्रख्यात पर्यावरणविद श्री जी. डी. अग्रवाल का अनशन करते हुए निधन होना बेहद दुखद घटना है। परम पिता परमेश्वर उनकी आत्मा को शांति दें।'

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