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तेजस्वी यादव बंगाल में ममता बनर्जी और असम में बदरुदीन की पार्टी संग करेंगे गठबंधन

Highlights. - राजद असम और बंगाल में गठबंधन कर चुनाव लड़ेगी - तेजस्वी यादव ने ममता बनर्जी और बदरुदीन अजमल से मुलाकात की - तेजस्वी ने इस मुलाकात से जुड़ी पोस्ट सोशल मीडिया पर भी शेयर की  
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Ashutosh Pathak

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Updated: 2 Mar 2021, 8:17 AM IST

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नई दिल्ली।

पश्चिम बंगाल मे होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत के लिए सभी दलों ने अपनी-अपनी ओर से तैयारी शुरू कर दी है। इस बार लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल यानी राजद भी बंगाल चुनाव में शामिल हो रही है।तेजस्वी यादव ने बंगाल दौरा कर न सिर्फ इस बात के संकेत दिए कि उनकी पार्टी भी चुनाव लड़ेगी बल्कि, ममता बनर्जी से मुलाकात कर उन्होंने यह भी बता दिया कि दोनों दल गठबंधन भी करेंगे।

बता दें कि बंगाल दौरे पर आए तेजस्वी यादव ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से कोलकाता में मुलाकात की थी। पार्टी सूत्रों की मानें तो दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात पूरी तरह चुनाव की तैयारियों को लेकर थी। इस मुलाकात की एक तस्वीर तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी शेयर किया। तेजस्वी यादव की ममता बनर्जी के साथ हुई मुलाकात के दौरान राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दिकी और श्याम रजक भी मौजूद थे। ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद तेजस्वी ने असम चुनाव को लेकर गुवाहाटी में एआईयडीएफ के प्रमुख बदरुदीन अजमल से भी मुलाकात की।

तेजस्वी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि केंद्र सरकार की ओर से लगातार देश के संघीय ढांचे और संवैधानिक संस्थाओं पर प्रहार किया जा रहा है। देश एक महत्वपूर्ण चौराहे पर खड़ा है। केंद्र सरकार जन कल्याणकारी कार्यों को छोडक़र अपनी सहयोगी संस्थाओं की मदद से हर वक्त विभिन्न राज्यों में होने वाले चुनाव लडऩे में व्यस्त रहती है। तेजस्वी ने लिखा कि किसी भी राज्य के विधानसभा चुनाव में कभी भी भारत सरकार और उसकी पूरी मंत्री परिषद का इस तरह सक्रिय होना कभी नहीं देखा गया।

तेजस्वी ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव का मानना है कि विपक्ष के लिए यह समय देश के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, विचारधारा की प्रतिबद्धता और सिद्धांतों की राजनीति का है। देश में बंगाल की विशिष्ट की पहचान है। मुझे विश्वास है कि बंगाल लोग विभाजनकारी नीति में यकीन रखने वाले बाहर के लोगों के हाथों बंगाली संस्कृति और पहचान को कभी खत्म नहीं होने देंगे।