जम्मू-कश्मीर में टेरर फंडिंग मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। एनआईए ने 14 जिलों में 45 ठिकानों पर छापेमारी की।
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में टेरर फंडिंग मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। NIA ने प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी के खिलाफ दर्ज एक मामले के सिलसिले में जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की सहायता से छापेमारी की है। NIA ने 14 जिलों में 45 ठिकानों पर छापेमारी की। NIA से जुड़े सूत्रों ने बताया कि टेरर फंडिंग केस में ये अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन है।
इनके ठिकानों चल रही है छापेमारी
एक रिपोर्ट के अनुसार, श्रीनगर में सौरा निवासी गाजी मोइन-उल इस्लाम के आवास और नौगाम में फलाह-ए-आम ट्रस्ट पर छापेमारी की जा रही है। अनंतनाग जिले में मुश्ताक अहमद वानी पुत्र गुलाम हसन वानी, नजीर अहमद रैना पुत्र गुलाम रसूल रैना, फारूक अहमद खान पुत्र मोहम्मद याकूब खान और आफताक अहमद मीर, अहमदुल्ला पारे के ठिकानों पर भी छापेमारी चल रही है। इसी तरह गांदरबल, शोपियां, कुलगाम, बारामुला, पुलवामा, रामबन, डोडा समेत कई अन्य जिलों में छापेमारी जारी है।
पिछले महीने 15 ठिकानों पर छापा
आपको बता दे कि इससे पहले 31 जुलाई को भी आतंकवाद से जुड़े दो मामलों में एनआईए ने जम्मू-कश्मीर में 15 ठिकानों पर छापे मारे की थी। इस दौरान दौरान एक आरोपी की गिरफ्तारी किया गया था। एनआईए ने आरोपी से डिजिटल उपकरण, मोबाइल, हार्ड डिस्क, मेमोरी कार्ड, लैपटॉप, गोलियों के खोखे, प्लास्टिक फेस मास्क, हस्तलिखित जिहादी पर्चे तथा अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की।
जमात-ए-इस्लामी पर है 5 साल का प्रतिबंध
केंद्र सरकार ने 2019 में जमात-ए-इस्लामी (Jamaat-E-Islami) संगठन पर 5 साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बावजूद भी जम्मू-कश्मीर में संगठन की गतिविधियां चल रही है। पड़ोसी मूल्क पाकिस्तान से इस संगठन को हर तरह से मदद मिल रही है।