
सीमा पर सेना के सतर्क रहने से पाकिस्तान समर्थित आतंकियों की घुसपैठ में भले कमी आई हो। लेकिन पाकिस्तान में बैठे आतंकी अपनी नापाक कोशिशों में लगे हुए हैं। पाकिस्तान में मौजूद जैश-ए-मोहम्मद फिर से बड़ी साजिश रचने में लगा हुआ है। एक खुफिया रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।
भारत में घुसपैठ की फिराक में मसूद अजहर का करीबी
रिपोर्ट में कहा गया है कि मसूद अजहर ने अपने एक नजदीकी को कश्मीर में भेजकर बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने का काम सौंपा है। इसका नाम ओसामा अजहर और इसे मसूद अजहर का रिश्तेदार बताया जा रहा है। इसे जैश-ए-मोहम्मद में सबसे एक्टिव माना जाता है। रिपोर्ट के अनुसार- जैश के कई आतंकी गिरोहों की जिम्मेदारी इसी के पास है।
भारत में घुसपैठ के लिए खास तौर पर बुलाया गया
खुफिया सूत्रों की मानें तो बालाकोट में जहां भारतीय वायुसेना ने स्ट्राइक की थी, उस जगह की जिम्मेदारी भी ओसामा के पास ही थी। साथ ही मनशेरा के जैश के अड्डे का इंचार्ज भी यही है। रिपोर्ट के अनुसार- ओसामा इससे पहले अफगानिस्तान में सक्रिय था। साल 2018 में मसूद अजहर ने ओसामा को वापस बुलाया और भारत में घुसपैठ करने की जिम्मेदारी सौंपी।
मसूद पहले भी घुसपैठ के लिए भेज चुका है रिश्तेदारों को
रिपोर्ट्स के अनुसार- ओसामा, मसूद अजहर का कितना भरोसेमंद है इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसे जैश के गढ़ बहावलपुर की उस्मान वैली वाले अड्डे की जिम्मेदारी भी दी गई है। बता दें, मसूद अजहर पहले भी अपने भरोसेमंद रिश्तेदारों को कश्मीर में आतंक फैलाने के लिए भेज चुका है। लेकिन भारतीय सेना उसका मुंह तोड़ जवाब देती रही है। सेना मसूद के भांजे और भतीजे को पहले ही मौत के घाट उतार चुकी है। उनकी मौत का बदला लेने के लिए भी मसूद कई आतंकियों को कश्मीर में भेज चुका है। लेकिन सेना ने अभी तक उसे अपने मंसूबों में कामयाब नहीं होने दिया।
सीमा पर मुस्तैद है सेना
खुफिया सूत्रों के हवाले से आई एक खबर के अनुसार- ओसामा सियालकोट सेक्टर के इलाके से भारत में घुसपैठ करने की फिराक में है। हालांकि भारतीय सेना की सीमा पर मुस्तैदी इतनी जबर्दस्त है कि आतंकियों की घुसपैठ पिछले साल के मुकाबले इस साल अब तक न के बराबर ही हुई है।
Updated on:
14 Nov 2019 06:26 pm
Published on:
14 Nov 2019 06:22 pm
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