
नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी तीन तलाक का सिलसिला थम नहीं रहा है। ताजा मामले में मुंबई से एक घटना सामने आई है जिसमें एक पति ने अपनी पत्नी को सोशल मीडिया वाट्सएप के जरिए तीन तलाक दे दिया। पत्नी ने अपने पति पर आरोप लगाया है कि 2017 में उससे दहेज की मांग की गई थी। दहेज न देने पर सोशल मीडिया वाट्सएप के जरिए उसके पति ने उसे तीन तलाक कहकर संबंध तोड़ दिया। महिला ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को यह समझना चाहिए कि सरकार द्वारा तीन तलाक के खिलाफ पेश किया गया बिल उनके पक्ष में है, लेकिन मुस्लिम पुरुषों को यह बात अभी तक समझ में नहीं आई है। महिला ने कहा कि अब वह तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर करेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को बताया था असंवैधानिक
आपको बता दें कि पिछले वर्ष 22 अगस्त को देश की सर्वोच्च अदालत ने सुनवाई करते हुए एक बार में तीन बार तलाक देने की प्रथा को निरस्त करते हुए अपनी व्यवस्था में इसे असंवैधानिक, गैरकानूनी और शून्य करार दिया था। दरअसल, सायरा बानो ने तीन तलाक के खिलाफ कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की थी। सायरा ने अपनी याचिका में तर्क देते हुए कहा था कि तीन तलाक न तो इस्लाम का हिस्सा है और न ही आस्था का। हालांकि इस फैसले के बाद कई मुस्लिम संगठनो ने इसका स्वागत किया तो कई संगठनों और मौलानाओं ने कड़ी आपत्ति जताई। विरोध करने वाले मौलानाओं का कहना था कि यह सीधे-सीधे धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप है। हालांकि केंद्र सरकार अपना रुख स्पष्ट करते हुए संसद में एक बार में तीन तलाक देने के मामले पर एक बिल लेकर आई लेकिन विपक्षी दलों और सरकार के बीच कुछ बिंदुओं पर सहमति नहीं बनने के कारण राज्य सभा में बिल अटक गया है। अभी तक तीन तलाक का बिल कानूनी शक्ल नहीं ने पाया है।
Published on:
30 Apr 2018 12:23 pm
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