
अयोध्या मामले में मालिकाना हक पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले पर अमल करते हुए राम मंदिर निर्माण के लिए अगले एक हफ्ते के अंदर ट्रस्ट गठित करने पर तेजी से कार्रवाई शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार- इसी ट्रस्ट की ओर से अयोध्या में राम मंदिर बनाने के तौर तरीके तय किए जाएंगे।
एक सप्ताह में हो सकता है ट्रस्ट गठन का ऐलान
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार- केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट के गठन और मस्जिद के लिए जमीन देने की पेशकश का एक हफ्ते में ऐलान किया जा सकता है। रिपोर्ट में ये जानकारी मामले से जुड़े अधिकारियों के हवाले से बताई गई है। सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मुद्दे का निपटारा करते हुए ट्रस्ट के गठन और मस्जिद के लिए जमीन देने का फैसला सुनाया था।
गृह मंत्रालय ने ट्रस्ट के लिए तैयार किया आधारभूत ढांचा
गृह मंत्रालय की ओर से राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने के लिए एक आधारभूत ढांचा तैयार किया गया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड को दी जाने वाली जमीन की भी पहचान की है। यह प्रस्ताव केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामने मंजूरी के लिए रखा जाएगा। घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी के अनुसार- केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद ट्रस्ट मंदिर निर्माण का ऐलान एक हफ्ते के अंदर कर देगा। साथ ही मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन देने की पेशकश को भी अमली जामा पहनाया जा सकता है।
कैसा होगा ट्रस्ट
जानकारी के अनुसार- राम मंदिर का शिलान्यास राम नवमी के अवसर पर करने की योजना है। इसी अनुसार तैयारियां की जा रही हैं। राम नवमी 2 अप्रैल को है। इसी दौरान भव्य समारोह में शिलान्यास की योजना है। अयोध्या के संत समाज का दावा है कि राम मंदिर के लिए प्रस्तावित ट्रस्ट गुजरात के सोमनाथ मंदिर और जम्मू के वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड का मिलाजुला रूप होगा। रिपोर्ट के अनुसार- सोमनाथ मंदिर के ट्रस्ट में 6 ही सदस्य हैं। लेकिन अयोध्या के ट्रस्ट में यह संख्या ज्यादा हो सकती है।
Updated on:
29 Jan 2020 02:14 pm
Published on:
29 Jan 2020 02:00 pm
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